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सूर्य के कुम्भ राशि में प्रवेश होने से कैसा रहेगा इन राशियों का हाल
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य देव हर माह अपनी राशि का परिवर्तन करते है इसी परिवर्तन को ज्योतिष की भाषा में संक्रांति कहा जाता है और जिस राशि में प्रवेश करते है उसी के नाम से उस संक्रांति का नाम पड़ जाता है। जैसे अब शनि देव मकर राशि से कुम्भ राशि में प्रवेश कर रहे है तो यह कुम्भ संक्रांति कहलाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार माह फरवरी की 13 तारीख 2020 को सूर्य देव कुम्भ राशि में गमन कर रहे है और यह कुम्भ राशि में 14 मार्च 2020 तक विराजमान रहेगे। मकर और कुम्भ दोनों राशियों के स्वामी ग्रह शनि देव है तो जानते है सूर्य देव के कुम्भ राशि में जाने से कैसा रहेगा अन्य राशियों का हाल? ज्योतिष शास्त्र कहता है कि प्रत्येक ग्रह के राशि परिवर्तन ने हर राशि में कुछ न कुछ बदलाव जरुर देखने को मिलता है यह बदलाव अच्छा भी हो सकता है और घातक भी हो सकता है।

जातक के जीवन में यदि सूर्य के शुभ प्रभावों का फल मिलता है तो जीवन में तरक्की के द्ववार खुल जाते है, घर-परिवार, देश-विदेश में मान-सम्मान का अधिकारी बनता है, य़श और कीर्ति स्थापित करता है यह तभी संभव होता है जब सूर्य देव हमारे ऊपर मेहरवान होते है। परंतु यदि किन्हीं कारणों या फिर ज्योतिष के परिस्थितियों के कारण हमारी जन्म कुण्डली का सूर्य बुरी या फिर अच्छी अवस्था में न हो तो हमे इसके बुरे परिणाम भी ऊठाने पड सकते है, अगर ऐसा होता है तो पिता को कष्ट मिलने की संभावना बढ़ जाती है,  नेत्रों से संबंधी रोगों में वृद्धि हो सकती है, समाज में मान-सम्मान को लेकर कोई न कोई अड़चन आती ही रहती है।

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आइये जानते है सूर्य के राशि परिवर्तन से क्रमवार राशियों के हाल

  1. मेष - मेष राशि वालों के लाभ स्थान पर पंचमेश होकर सूर्य देव प्रवेश करेगे अर्थात संतान भाव के स्वामी होकर, जिससे आपको अपनी नौकरी में प्रमोशन तथा व्यापार में पूरे-पूरे लाभ होने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान आपको अच्छा-खासा मुनाफा हो सकता है।
  2. वृषभ - वृषभ राशि वालों के यह दसवें घर में प्रवेश कर रहे है जिससे आपकी समाज में पद-प्रतिष्ठा तथा मान-सम्मान में वृद्धि होगी और कार्य क्षेत्र में भी आपकी प्रसंशा होती रहेगी।
  3. मिथुन - मिथुन राशि में यह नवमें भाव में प्रवेश करेंगे जो कि भाग्य का स्थान और पिता का स्थान होता है इसलिए मिथुन राशि वालों को थोड़ी से सावधानी रखने की जरुरत है क्योंकि इससे आपके भाग्य में थोड़ा सा अवरोध आ सकता है तथा पिता के स्वास्थ्य में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, परंतु चिंता करने कि कोई बात नही क्योंकि यह पराक्रम भाव में अपनी राशि को देखेगे जिससे आपका पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी।
  4. कर्क - कर्क राशि  से यह अष्ठम भाव में प्रवेश कर रहें है इसलिए इस राशि के जातक अपने स्थास्थ्य को लेकर सजक रहें।
  5. सिहं - सिहं राशि से यह सप्तम भाव में जा रहे है जिससे आपके व्यापारिक जीवन और परिवारिक जीवन को लेकर कुछ समस्याएं हो सकती है।
  6. कन्या - कन्या राशि वालों की बात करें तो ऋण, रोग, शत्रु से मुक्ति मिलेगी और जीवन में अन्य सारी समस्याएं भी पूर्ण होने की पूरी संभावना बनी हुई।
  7. तुला - तुला ऱाशि से यह संतान भाव में जायेगे अर्थात पंचम भाव में जायेगे जिससे बुद्धि – कही न कही गलत निर्णय , प्रेम प्रसंग से जुडे हुए लोगों को हानि हो सकती है। शिक्षा से जुड़े छात्रों का पढ़ाई में मन अच्छे से नही लग पायेगा इत्यादि समस्याएं दिखने को मिल सकती है। खासकर अपने पेट का पूरा ध्यान रखें क्योंकि इस समय पेट से संबंधित बिमारी बढ़ सकती है जो कि आपके लिए एक बड़े खतरे का संदेश है। हालाकि यहां पर जो सूर्य देव है लाभ स्थान पर है जिससे आपको लाभ होते रहेगे, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती रहेगी लेकिन आपकी नौकरी में बदलाव भी हो सकता है।
  8. वृश्चिक - वृश्चिक राशि की बात करें तो मातृ अर्थात माता के सुखों में कमियाँ और प्रोपर्टी को लेकर कोई विवाद रह सकता है, जिससे इस समय बहुत ज्यादा सतर्क रहने की जरुरत है।
  9. धनु - धनु राशि से पराक्रम भाव में जायेंगे और पराक्रम भाव में सूर्य को अच्छा माना गया है। भाग्य स्थान को देखेगे जिससे इस राशि वालों का भाग्य उदय का समय भी बन सकता है। थोटी-थोटी यात्रायों से लाभ के योग भी बनेगे तथा साहस और पराक्रम में वृद्धि देखने को मिलेगी।
  10. मकर - मकर राशि वालों को सावधान रहने की जरुरत है क्योंकि इस परिवर्तन से वाणी दोष रह सकता है, परिवार से दूर भी रह सकते है या फिर घर-परिवार के बड़े बुजुर्जों को लेकर कोई परेशानी खडी हो सकती है।
  11. कुम्भ - कुम्भ राशि यानि कि जिस राशि में सूर्य देव प्रवेश कर रहे है, उन लोगों के  अंदर क्रोध बढ़ने की पूरी-पूरी संभावना बनी हुई है तथा आपके ईगो की वजह से भी कुछ परेशानियां बन सकती है। इस समय अपने क्रोध पर पूर्ण नियंत्रण रखे जिससे कि आपका कोई ऐसा काम न बिगड़ जाए जिसमें आपकी कई वर्षों की मेहनत लगी हो।
  12. मीन - मीन राशि में सूर्य देव व्यय अर्थात खर्च के स्थान पर प्रवेश कर रहे है जिससे खर्च अधिक होंगे और अपमान होने का खतरा रहेगा।

यदि आपकी भी जन्म कुण्डली में सूर्य देव से संबंधित कोई दोष या परेशानी बनी हुई है तो आप भी अपनी जन्म कुण्डली का विश्लेषण करवा कर हमारे संस्थान से सूर्य की खराबी के उपाय प्राप्त कर अपने सूर्य को अच्छा कर सकते है और जीवन की परेशानियों से मुक्ति पा सकते है।

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Published on: 12-05-2021




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Gurudev GD Vashist

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Gurudev GD Vashist is also the author of Lal Kitab Amrit Vashist Jyotish. He is prominent in the India electronic media, like, leading TV channels like India News, Divya TV, Sadhna TV, Disha TV.
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