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दशहरा के दिन क्या है, नीलकण्ठ के दर्शन का महत्व?
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भारतीय पंचांग के अनुसार दशहरा का त्यौहार प्रतिवर्ष आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। अंग्रेजी दिनांक के अनुसार वर्ष 2019 में दशहरा को 8 अक्टूबर, दिन मंगलवार को मनाया जायेगा। इस पवित्र पर्व पर भगवान श्री मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने मानव के कल्याण को देखते हुए बहुत सारे आदर्श स्थापित किये थे। श्री राम खुद सत्य के मार्ग पर चलकर यह संदेश दिया कि कितनी भी बडी मुसीबत ही क्यों न हो पर हमें अच्छाई (सच्चाई) का साथ नही छोड़ना चाहिए।

हिन्दु धर्म के शास्त्रों की मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि दशहरा के दिन यदि किसी को नीलकंठ नाम का पक्षी दिख जाए तो काफी शुभ होता है। कहा जाता है कि नीलकंठ भगवान शिव का प्रतीक है, जिनके दर्शन से सौभाग्य और पुण्य की प्राप्ति होती है। दशहरे के दिन गंगा स्नान करने को भी बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है। कहा जाता है कि दशहरे के दिन गंगा स्नान करने का फल कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए दशहरे के दिन लोग गंगा या अपने पास किसी की नदी में स्नान करने जाते हैं। दशहरे का त्यौहार बहुत अर्थों में हमारे लिए महत्वपूर्ण है।

नीलकंठ तुम नीले रहियोदूध-भात के भोजन करियोहमरी बात राम से कहियो” यह एक लोक कहावत है, जिसका अर्थ होता है कि इस पंक्षी के दर्शन से हमारे जीवन में शुभता और भाग्य वृद्धि का संचार होता है। मान्यता है कि विजयदशमी के दिन नीलकण्ठ नामक पंक्षी के अगर इंसान को दर्शन हो जाते है तो पूरे वर्ष शुभ कार्य घटित होते रहते है। शास्त्रों के अनुसार ये भी कहा गया है, कि भगवान श्री राम को लंका विजय के पूर्व इसी पंक्षी के दर्शन हुए थे जिससे उन्होंने रावण पर विजय प्राप्त की थी। दशहरे पर नीलकण्ठ के दर्शन की परंपरा वर्षों पुरानी है। वैज्ञानिक द्रष्टि कोण से देखा जाये तो यह सच में भाग्य विधाता ही है क्योंकि जिन कीड़ो से किसान की फसल को नुकसान होता है, यह पंक्षी उनको नष्ट कर किसानों की फसल की रखवाली करता है।

दशहरा के त्यौहार को अगर हम ज्योतिष के साथ जोड़ कर देखे तब भी बहुत सारे महत्व निकल कर हमारे सामने आते है। ज्योतिष के अनुसार इस समय राहु कर्क राशि में है, केतु मकर राशि में और मंगल की कन्या राशि में युति है। जबकि अभी-अभी गुरु का प्रवेश वृश्चिक राशि में हुआ है। इसका अभिप्राय यह हुआ कि यदि हम इस ज्योतिषीय संरचना का लाभ उठाना चाहते है, तो  राहु और केतु इन सब बातों को सही प्रकार से करने की अनुमति प्रदान नहीं करता। लेकिन यदि गुरु इन दोनों के मध्य पड़ जाए, तो लाभ की स्थिति बनती है।

 

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Gurudev GD Vashist

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Gurudev GD Vashist is also the author of Lal Kitab Amrit Vashist Jyotish. He is prominent in the India electronic media, like, leading TV channels like India News, Divya TV, Sadhna TV, Disha TV.
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