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विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं
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दशहरा को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, दिवाली से ठीक 20 दिन पहले आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा मनाया जाता है। दशहरे का दिन साल के सबसे पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। इस दिन किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए ये दिन उत्तम होता है।

 

आज दशहरा विजयदशमी है! नवरात्रि उत्सव का अंतिम दिन! दुर्गा माँ के विसर्जन और क्रूर रावण के वध का दिन ! प्रभु श्रीराम जी ने दशमी के दिन लंका में रावण का वध किया, इसलिए इस विजय महोत्सव का नाम विजयादशमी पड़ा।

 

दशहरे पर रावण की मूर्ति को जलाया जाता है, क्योंकि रावण के वध को असत्य पर सत्य की जीत का प्रतिक माना जाता है। रावण अपने दुर्गुणों और अहंकार के कारण नष्ट हो गया था, इसलिए इस त्योहार का उद्देश्य हमारे अहंकार और दोषों को नष्ट करना और खुद में राम को जगाना है।

 

आप निश्चित रूप से हमारे द्वारा पोस्ट की गई दशहरा की शुभकामनाएँ को पसंद करेंगे और मुझे उम्मीद है कि आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करेंगे।

 

विजया दशमी शुभ मुहूर्त

15 अक्टूबर को विजया दशमी के दिन दोपहर 2 बजकर 1 मिनट से 2 बजकर 47 मिनट तक विजय मुहूर्त है। इस मुहूर्त की कुल अवधि 46 मिनट की है। दोपहर के समय पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 15 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 33 मिनट तक है।

 

दशहरा की पूजा विधि

दशहरा यानि विजयदशमी के दिन भगवान राम, मां दुर्गा, मां सरस्वती, भगवान गणेश और हनुमान जी पूजा की जाती है. इस दिन गाय के गोबर से दस गोले बनाए जाते हैं जिन्हें कंडे भी कहते हैं. इन कंडों में नवरात्रि के दिन बोये गए जौ को लगाते हैं. इसके बाद धूप और दीप जलाकर पूजा की जाती है. कई जगह जौ को कान के पीछे रखने का भी रिवाज होता है।

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Gurudev GD Vashist

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Gurudev GD Vashist is also the author of Lal Kitab Amrit Vashist Jyotish. He is prominent in the India electronic media, like, leading TV channels like India News, Divya TV, Sadhna TV, Disha TV.
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