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इस सावन कैसे करे शिव जी को प्रसन्न
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जानें सावन सोमवार व्रत विधि एवं महत्व

हिंदू धर्म में साल के हर महीनों को किसी न किसी देवता की पूजा के लिए समर्पित किया जाता है। इस क्रम में सबसे विख्यात और महिमावान महीना श्रावण मास है जिसको भगवान् शिव की आराधना के लिए समर्पित किया गया है। भगवान् शिव का सर्वप्रिय सावन मास उनकी आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है, इस महीने में व्रत करने से भगवान् शिव की अपार कृपा प्राप्त होती है।

उत्तर भारतीय राज्यों में श्रावण मास को सावन मास के नाम से भी जाना जाता है। श्रावण मास के दौरान पड़ने वाले सभी सोमवार को उपवास करने की रीत है और इसको आध्यात्मिक वृद्धि के लिए अत्यधिक शुभ माना जाता है। यह व्रत श्रावण सोमवार या सावन सोमवार व्रत के रूप में जाना जाता है। कई भक्त सावन महीने के पहले सोमवार से सोलह सोमवार तक का उपवास रखते हैं।

श्रावण मास में सभी मंगलवार देवी भगवती गौरी की पूजा को समर्पित हैं। इस अत्यंत लाभकारी व्रत को मंगल गौरी व्रत के नाम से जाना जाता है जिसे कन्या मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए करती है। ऐसी मान्यता है के जैसे तपस्या के बाद देवी गौरी को भगवान् शिव की प्राप्ति हुई वैसे ही मंगला गौरी का व्रत करने से विवाह संस्कार में आने वाले विघ्न नष्ट हो जाते है और कन्या को योग्य वर की प्राप्ति होती है। इसके अलावा भी सावन मास में और भी पर्व मनाए जाते है। सावन शिवरात्रि और हरियाली अमावस्या श्रावण मास में आने वाले पावन पर्वों में प्रमुख है।

सावन मास के सोमवार :

सावन माह का पहला दिन - गुरुवार, 14 जुलाई 2022

पहला सावन सोमवार व्रत - सोमवार, 18 जुलाई 2022

दूसरा सावन सोमवार व्रत - सोमवार, 25 जुलाई 2022

तीसरा सावन सोमवार व्रत - सोमवार, 1 अगस्त 2022

चौथा सावन सोमवार व्रत - सोमवार, 8 अगस्त 2022

सावन मास का अंतिम दिन - शुक्रवार, 12 अगस्त 2022

सावन मास पूजा विधि:

सावन के सोमवार के दिन प्रातः और संध्या दोनों बार पूजा से पहले स्नान करें। स्नान करने के बाद जातक को चाहिए के वो पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके आसन ग्रहण करें और पूजा आसन पर शिव परिवार को स्थापित करे और दूध, दही, घी, शक्कर, शहद व गंगा जल से शिव परिवार को स्नान कराएँ। स्नान के बाद प्रथम पूज्य गणपति को दूर्वा अर्पित करें। गणेश पूजा के बाद शिव परिवार को चंदन, फूल, फल, धूप, दीप, रोली, वस्त्र, बेलपत्र, भांग, धतूरा आदि अर्पित करें। शिव चालीसा और शिव मंत्रों का जाप करें। सावन सोमवार की व्रत कथा पढ़ें और अपनी कामना को शिव जी से पूरी करने की प्रार्थना करें। इसके बाद आरती कर पूजा को संपन्न करें और पूजा में भगवान् का अर्पित किया गया भोग को प्रसाद के रूप में वितरण करें.




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Gurudev GD Vashist

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Gurudev GD Vashist is also the author of Lal Kitab Amrit Vashist Jyotish. He is prominent in the India electronic media, like, leading TV channels like India News, Divya TV, Sadhna TV, Disha TV.
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