Astroscience
लाल किताब के अनुसार कब और कैसे खत्म होगा कोरोना का कहर

लाल किताब के अनुसार कब और कैसे खत्म होगा कोरोना का कहर

दोस्त जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इस वक्त कोरोने का कहर पूरे विश्व भर में कितना व्यापक होता जा रहा है.
महामारी कि यह समस्या निरंतर दिन-ब-दिन बढ़ती ही चली  जा रही है. और लोग इसके चपेट में आते ही चले जा रहे हैं. हजारों की संख्या में मौतें हुई हैं और न जाने ही कितने  ही मरीज़ अस्पतालों में अभी जिंदगी और मौत से जूझ रहे  है.
अस्पतालों में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. विश्व  की इकोनॉमी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होती हुई देखने को मिल रही है. और पूरा देश एक ऐसी स्थिति में आकर पहुंच गया है कि इस समय सरकार द्वारा उठाया गया हर कदम  बहुत ही सोच विचार कर लिया जा रहा है जिसका हम सभी देश वासियों को पूरी सावधानी के साथ पालन करना  है.
जैसे कि प्रधानमंत्री का आह्वान है कि 21 दिनो तक लॉक डाउन किया गया है जो कि इस व्यापक समस्या के निदान हेतु उठाया गया सर्वश्रेष्ठ कदम है.
वैसे तो इस कोरोना वायरस के पूर्ण रूप से खात्मे कि बात तो भविष्य के गर्त में ही कहीं ना कहीं छिपी हुई है ऐसे समय में हम सभी एस्ट्रोलॉजर का यह दायित्व बनता है कि हम अपने ज्योतिष विद्या ग्रहों नक्षत्रों और गोचरो के माध्यम से इसकी सही जानकारी आप तक पहुँचा सके.
अब जहां तक लाल किताब हमें बताती हैं कि ऐसा संयोग मुख्य रूप से शनि, मंगल और बृहस्पति के मेल से देखने को मिलता है 
जब भी यह तीनों ग्रह आपस में मिलते हैं तो ऐसे में बृहस्पति  के ख़राब होने की स्थिति हद से ज्यादा बढ़ जाती है
बृहस्पति अर्थात धन, वैभव का देवता जिसके ऊपर समस्त विश्व की इकोनॉमी  निर्भर करती है तो बृहस्पति के खराब होने का कारण जानने से पहले अगर हम एक नजर इसके शुरुआती समय पर डालते हैं तो हम देखते हैं कि आज से 40 से 45 दिन पूर्व से ही अर्थात 8 फरवरी के बाद से यह सारी चीजें होनी शुरू हो गई थी जोकि बृहस्पति अर्थात  11 वें घर के खराब होने के संकेत दे रही थी.
जब भी कुंडली का 11 वां घर खराब होता है तो मनुष्य आर्थिक मंदी से बुरी तरह ग्रसित  होता है और यह तो सिर्फ किसी व्यक्ति की बात नहीं है यह पूरे समाज पूरे देश जबकि पूरे विश्व की इकोनॉमी पर असर डाल रहा है.
तो आइए जानते हैं बृहस्पति की खराबी के लक्षण क्या है? खांसी, जुखाम, बुखार आना और इसके साथ ही फेफड़ों में इन्फेक्शन यह बृहस्पति  के ख़राब होने के सबसे पहले  लक्षण के रूप में प्रदर्शित होतें  है जो कि अब व्यापक तौर पर  प्रसारित होता ही जा रहा है. 
अब जहां तक बात है कि जाए  इसका असर कब तक रहेगा तो लाल किताब के अनुसार 4 मई तक तो यह अपने सबसे उग्र रूप में स्थापित रहेगा. 
इसके बाद 18 जून तक इसके प्रभाव कुछ कुछ कम होने शुरू हो सकते हैं. 18 जून से 16 अगस्त तक इसके प्रभाव हमें  बहुत ही कम रूप में दिखाई देंगे और हम कह सकते हैं कि 16 अगस्त के बाद से फिर से वही जिंदगी शुरू होने के आसार दिखाई दे रहे हैं यह ग्रह गोचर और लाल किताब कि प्रमाणिकता के अनुसार बताया गया है. 
मैं कहना चाहता हूं अब जहां तक कई लोग हमसे पूछ रहे हैं कि इसका उपाय क्या है. 
बात जहाँ तक बृहस्पति के खराब होने की है तो...यह कोई एक व्यक्ति कि समस्या नहीं है  यह एक व्यापक समस्या है इस व्यापक समस्या के निदान हेतु अगर प्रत्येक व्यक्ति आपने कुंडली का बृहस्पति ठीक कर ले तो इसका असर सभी पर पड़ सकता है.
अर्थात हर व्यक्ति को आर्थिक तौर पर मजबूत होने के लिए बृहस्पति के उपाय करना आवश्यक है. अपनी कुंडली में बृहस्पति को ठीक करने के लिए पीली वस्तुओं जैसे  चने की दाल, बेसन इन चीजों को अपने आहार में शामिल करें बृहस्पति की दशा कुछ हद तक ठीक होने के आसार दिखने लगेंगे.


यह भी पढ़ें - महावीर जयंती- वर्धमान कैसे कहलाये महावीर

(Updated Date & Time :- 2020-04-06 13:53:22 )


Gd Vashisht Enquiry

Comments

speak to our expert !

Positive results come with right communication and with decades of experience. Try for yourself about our experts by calling one of them
to feel the delight about understanding your problems, and in getting the best solution and remedies.

Astroscience