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जानें गायत्री मंत्र के चमत्कारिक लाभ

जानें गायत्री मंत्र के चमत्कारिक लाभ

गायत्री मंत्र के अंतर्गत समस्त वेदो का सार निहित है। शास्त्रों के अनुसार, गायत्री परम सिद्धियों की दात्री और वेदमाता हैं। नित्यप्रति गायत्री मंत्र के उच्चारण से मनुष्य द्वारा कृत सभी पापो का नाश संभव है। नौकरीपेशा हो या व्यापारी, विद्यार्थी हो या घरेलू महिलाएं गायत्री मंत्र का जप सभी लोगों के कष्टों का निवारण करता है। तो आज कर इस लेख में हम आपको गायत्री मंत्र से जुडी कुछ ऐसी ख़ास बातें बताएंगें जों की आपके लिए अत्यंत महवपूर्ण सिद्ध होगी। तो आइये जानते है गायत्री मंत्र के चमत्कारिक लाभ कौन कौन से है।
गायत्री मंत्र का जांप विद्यार्थियों को देता है कुशाग्र बुद्धि

विद्यार्थियों के लिए यह मंत्र बहुत फलदायक है। नित्यप्रति इस मंत्र का 108 बार जप करने से विद्यार्थी को सभी प्रकार की विद्या प्राप्त करने में सरलता  होती है। पढ़ने में मन नहीं लगना, याद किया हुआ भूल जाना, शीघ्रता से याद न होना आदि समस्याओं से भी निजात मिलता हैं साथ ही विद्यार्थी की बुद्धि और एकाग्रता में वृद्धि होती है।।
व्यापारी और नौकरीपेशा लोगों के लिए उपयोगी

व्यापार, नौकरी में हानि हो रही है या कार्य में सफलता नहीं मिलती, आमदनी कम है और व्यय अधिक है तो गायत्री मंत्र का जप काफी फायदा पहुंचाता है।शुक्रवार को पीले वस्त्र पहनकर हाथी पर विराजमान गायत्री माता का ध्यान कर गायत्री मंत्र के आगे और पीछे श्रीं सम्पुट लगाकर जप करने से दरिद्रता का नाश होता है। इसके साथ ही रविवार को व्रत किया जाए तो अधिक लाभ होता है।
गायत्री मंत्र का जाप भर देता है सुनी गोद
किसी दंपत्ति को संतान प्राप्त करने में कठिनाई आ रही हो  या संतान से दुःखी हो अथवा संतान रोगग्रस्त हो तो ऐसे में प्रात: काल दम्पति को एक साथ सफेद वस्त्र धारण कर ‘यौं’ बीज मंत्र का सम्पुट लगाकर गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। इस मंत्र के जांप  द्वारा संतान संबंधी किसी भी समस्या का निदान संभव हैं।
गायत्री मंत्र का जाप करता है शत्रुओं को परास्त
यदि आप कार्यक्षेत्र या व्यापार में शत्रुओं के कारण परेशानियां झेल रहे हैं तो मंगलवार, अमावस्या अथवा रविवार को लाल वस्त्र पहनकर माता दुर्गा का ध्यान करते हुए गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें। 
विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करता है 
यदि विवाह में किसी प्रकार की अड़चन आ रही  हो तो सोमवार के दिन प्रातः काल पीले वस्त्र धारण कर माता पार्वती का ध्यान करते हुए ‘ह्रीं’ बीज मंत्र का सम्पुट लगाकर 108 बार जाप करने से विवाह कार्य में आने वाली समस्त बाधाएं दूर होती हैं। यह साधना लड़के-लड़कियों दोनों के लिए असरदार है।

गायत्री मंत्र का जाप दिलाएगा आरोग्यता का वरदान

यदि आप किसी पुराने रोग से पीड़ित है और उस रोग से निदान पाना चाहते हैं तो किसी भी शुभ मुहूर्त में एक कांसे के पात्र में साफ़ पानी भरकर रख लें एवं उसके सामने लाल आसन पर विराजमान होकर गायत्री मंत्र के साथ ‘ऐं ह्रीं क्लीं’ का संपुट लगाकर गायत्री मंत्र का जप करें। जप के पश्चात जल से भरे पात्र का सेवन करने से गंभीर से गंभीर रोग का नाश होता है।


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(Updated Date & Time :- 2020-04-16 17:17:24 )


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