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कठिन परिस्थितियां ही मनुष्य को जीना सिखाती है।

कठिन परिस्थितियां ही मनुष्य को जीना सिखाती है।

पुराने समय की बात है जब एक राज्य में एक राजा का शासन हुआ करता था। वह राजा पशु - पक्षियों का अत्यन्त प्रेमी था। उसे अपने बाग़ बगीचों में पक्षियों और पशुओं का वास बेहद प्रिय था। इसलिए नित्य प्रति वो उन्हें दान-पानी दिया करता था।
एक बार की बात है जब पास के ही एक अन्य राज्य के राजा ने उस राजा को भेंट स्वरूप दो बाज़ों का जोड़ा दिया। जिसे उस राजा ने बड़े ही हर्ष के साथ स्वीकार किया। 
भेंट देते वक़्त दूसरे राजा ने कहा था कि इन बाज़ों कि पूरी ज़िम्मेदारी आज से मैं आपको सौंपता हूँ। आप इनका ध्यान मुझसे कई बेहतर तरीके से रख सकते है। क्योंकि ये बाज़ अभी बहुत छोटे है अतः आप इन्हें जैसा चाहे वैसा ढाल सकते है। 
राजा ने दोनों बाज़ों के प्रशिक्षण के लिए अपने मंत्रियो को विशेष सलाह दी की इन बाज़ों के प्रशिक्षण अच्छे तरीके से किया जाए। कुछ दिनों के प्रशिक्षण के बाद उसमे से एक बाज़ तो उड़ना सीख गया परंतु दूसरा बाज़ अपने स्थान से तस से मस तक न हुआ । वह पेड़ की शाख पर  बैठे- बैठे ही अपना दिन गुजार दिया करता था। 
जब बहुत प्रयासों के बाद भी वह बाज़ नही उड़ा तो राजा ने बाहरी गावो से और प्रशिक्षित लोगो को निमंत्रण दिया पर कोई भी उसे उस डाल से हिला न सका। अंत में एक गरीब किसान को इस बात की भनक हुई तो राजा के दरबार में पहुंचा और उसने उस बाज़ को प्रशिक्षण देने की बात कही। 
राजा के आदेश से वो बाज़ के पास गया और उसने तुरंत ही उस बाज़ को उड़ा दिया। जब राजा अपने बगीचे में आये यो उन्होंने बाज़ को उड़ता हुआ पाया तो राजा ने उस किसान से इस चमत्कार का कारण जाना। 
इस पर किसान ने कहा कि यह बहुत ही सरल कार्य था। जिस वृक्ष की शाखा पर ये बाज़ बैठा था मैंने उस शाखा को ही काट दिया जिससे ये स्वयं उड़ने लगा। 
अर्थात कहने का आशय यह है कि जब तक मनुष्य के जीवन में कठिनाइयां नही आती तब तक उसे वो वैसे ही जीने की कोशिश करता रहता है। विकट परिस्थितियां में ही मनुष्य को नए नए विचार और कार्यो को करने की समझ विकसित होती है। जब तक मनुष्य अपने कम्फर्ट जोन से बहार नही निकलेगा तब तक उसे हर काम कठिन ही नज़र आएगा। परंतु जैसे ही उसे परिस्थितियां स्वयं पर हावी होती हुई दिखती है तो वह उस  परिस्थिति से बहार निकलना सीख ही जाता है। यहीं जीवन का सार है।


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(Updated Date & Time :- 2020-03-29 19:20:30 )


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