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मांगलिक दोष का नाम सुन कर मन में क्यों पैदा हो जाता है डर?

मांगलिक दोष का नाम सुन कर मन में क्यों पैदा हो जाता है डर?

वर्तमान समय में मांगलिक दोष के बारे में न जाने कितनी गलत धारणाए बन चुकी है। लोग इसका नाम सुनते ही डर जाते है, कि कही हमारी जन्म कुण्डली में भी तो ऐसा किसी प्रकार का दोष तो नही हो, जिससे आगे चलकर हमारे शादी-शुदा जीवन में कोई समस्या हो या फिर विवाह होने में ही देरी हो या फिर विवाह ही न हो। इस प्रकार के बहुत सारे प्रश्न लोगों के मन में आने लगते है। परंतु असल में यह उतना खतरनाक है नही है। मंगल ग्रह की स्थिति जन्म कुण्डली में मंगल दोष का निर्माण करती है। यह बात सच है कि जब जन्म कुण्डली में मांगलिक दोष होता है तो, वैवाहिक जीवन में परेशानी तो आती है, परंत इतनी भी नही कि जितनी लोग  पैसे कमाने के चक्कर में बना देते है। आजकल बहुत सारे ज्योतिषी इसको बड़ा-चढ़ा कर बता देते है। मंगल दोष के बहुत ही सरल उपाय है अगर आप उनको नियमित और विधि पूर्वक कर लेते है तो आपको इस दोष से डरने की कोई जरुरत नही है। आगे जान लेते है, कि हमारी जन्म कुण्डली में मंगल दोष लगता कैसे है? अगर मंगल दोष है कि किस प्रकार की परेशानी हो सकती है? परंतु मांगलिक होना इतना भयानक नही होता है, जितना हमें समझाया जाता है।

कैस लगता है मंगल दोष भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब जन्म कुण्डली के प्रथम भाव, चौथे भाव, सातवें भाव, आठवें भाव तथा बारहवें भाव में कहीं भी मंगल ग्रह विराजमान हो तो ऐसी कुण्डली को हम मंगलदोष से युक्त मानते है अर्थात ऐसी कुण्डली मांगलिक कहलाती है। जब हमारी जन्म कुण्डली मांगलिक होती है तो ऐसा जातक हर कार्य को बहुत ही तेजी से करता है तथा थोडा सा गुस्सैल स्वाभाव का होता है। उसको बात-बात में क्रोध आने लगता है। यदि कोई भी महिला या पुरुष मांगलिक है तो उसके विवाह में देरी होती है तथा विवाह होने के बाद पति-पत्नि में थोडी-थोडी अनबन सी रहती है, मतलब दोनों के विचारों में मेल नही खाता है। दोनो इस दूसरे के विपरीत सोच के होते है। इन सबके साथ-साथ संतान का सुख भी नही मिल पाता है या फिर देरी से मिलता है। खासकर वैवाहिक जीवन में खिचातानी मची रहती है, पति-पत्नि एक दूसरे को किसी न किसी बात को लेकर कोशते रहते है।

मांगलिक दोष के निवारण के उपाय सर्व प्रथम यह निश्चित कर लें कि आप मांगलिक है और यह तय हो जाता है तो आपको दूसरे मांगलिक साथी के साथ ही विवाह करें। अगर आप मांगलिक नही हो तो बिना मांगलिक के साथ विवाह करें और ऐसा करना शुभ माना जाता है। एक मांगलिक जातक को दूसरे मांगलिक जातक के साथ ज्योतिष इसलिए विवाह कि अनुमति देता है क्योंकि दोनो के दोष आपस में टकराकर शांत हो जाते है। गणित के सिद्धांत के अनुसार जब भी हम धन राशि का गुणा धन राशि से करते है तो  उसका परिणाम धन ही होता है। और वही सिद्धांत भी यहां पर लागु होगा है। और दोनों के दोष स्वतः ही समाप्त हो जाते है। मंगलवार का नियमित व्रत रखें तथा मंगलवार के दिन लोगों में मीठा बाटें। प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और अगर रोज न हो सके तो मंगलवार तथा शनिवार के दिन इसका पाठ अवश्य करें। मांगलिक दोष निवारण के लिए आपको मूंगा पहनने के लिए भी परामर्श दिया जाता है। परंतु बिना किसी अच्छे ज्योतिषी की  सलाह के बिना  धारण न करें क्योंकि बिना सलाह इसको धारण करने से इसके नुकसान भी हो सकते है। जो कि आपको लाभ पहुचाने की जगह हानि कर सकते है।


(Updated Date & Time :- 2019-11-12 15:32:41 )


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