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राशि अनुसार कैसे करें, अपने-अपने देवताओं का पूजन?

राशि अनुसार कैसे करें, अपने-अपने देवताओं का पूजन?

हिन्दू धर्म एक ऐसा धर्म है, जिसमें पूजा-पाठ, यज्ञ, अनुष्ठान का बहुत ही अधिक महत्व होता है। परंतु बहुत से लोगों के मुंह से सुनने को अक्सर मिलता रहता है कि मैं पूजा को बहुत करता है लेकिन मेरे मन को शांति प्रदान नही होती है, उनका चित्त अशांत रहता है। ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियां होती है और हर राशि का एक स्वामी होता है यानि कि उस राशि का मालिक और हर इंसान की कोई न कोई राशि जरुर होती है। यदि हम पूरी श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ ईश्वर की पूजा-अर्चना कर रहे है फिर भी हमें पूजा का कोई लाभ नही मिल पा रहा है तो ऐसे में यह देखना होगा कि हमारी राशि कौन सी है और उस राशि के देवता कौन है तभी हमें हमारी पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होगा। तो आइये जानते है अपने राशि के देवता को और करते है उन्हीं की पूजा-अर्जना जिससे हो हमारी सभी मनोकामना पूर्ण।

 

मेष राशि मेष राशि को राशि चक्रण की पहली राशि कहा जाता है। इस राशि के व्यक्ति कुछ चुलबुले स्वभाव के होते है। मेष राशि के जातकों को यदि उन्नति में कोई परेशानी या समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो रविवार के दिन सूर्य उपासना करनी चाहिए। इस राशि के जातकों को यदि पूजा पाठ करने के बाद भी बीमारियाँ पीछा नही छोड़ती है तो मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए तथा बजरंगवली को तुलसी के कुछ पत्ते भी अर्पित करें, जिससे बजरंगवली आपको अरोग्यता का वरदान प्राप्त करेंगे।

वृषभ राशि इस राशि के जातकों के स्वभाव में थोड़ा सा जिद्दीपन देखने को मिलता है, जिससे यह अपना बना-बनाया काम बिगाड़ लेते है। इनको मुख्य रुप से भगवान गणपति की पूजा-वंदना करना चाहिए जिससे गौरी पुत्र गणेश इनके सभी विध्नों को हर लेंगे एवं इस राशि के जातकों को सुख-समृद्धि का आर्शीवाद भी देंगे । जिससे आपको आगे बढ़ने में बहुत ज्यादा मदद मिलेगी। इस राशि के जातकों को यदि विवाह में कोई दिक्कतें  आ रही है तो कृष्ण भगवान की शरण में जाना चाहिए अर्थात भगवान कृष्ण को अपना आराध्य बनाना चाहिए।

मिथुन राशि इस राशि के जातकों में संशय की स्थिति बनी रहती है, क्योंकि यह लोग बहुत जल्दी किसी भी चीज को समझ नही पाते । मिथुन राशि के जातकों को बुधवार के माता लक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए और साथ में भगवान विष्णु जी का ध्यान करना चाहिए।  केवल लक्ष्मी जी का पूजन न करें उनके साथ में गणेश जी या फिर भगवान विष्णु को अवश्य सामिल कर लें। इस राशि के जातक यदि परिक्षा में बार बार असफलता का मुंह देख रहे है तो इन्हें भगवान भैरव नाथ के मंदिर में जाकर माथा टेकना चाहिए।

कर्क राशि -  कर्क राशि के जातक बहुत ही भावुकतापूर्ण होते है। यह जातक हर छोटी बड़ी घटना को अपने मन में बिठा लेते है। इस राशि के जातकों को सोमवार के दिन शंकर भगवान को जल, विल्व पत्र, भांग चढ़ाना चाहिए एवं उन्हीं की पूजा करनी चाहिए। यदि आप अपनी सेहत को लेकर परेशान रहते है तो आपको शनिवार के दिन शाम के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। परिक्षा में अनुकुल सफलता पाने के लिए लक्ष्मीनारायण मंदिर में जाकर दर्शन करें।

सिंह राशि इस राशि के जातक बहुत ही संघर्षशील होते है इनको संघर्ष से ही सफलता की प्राप्ति होती है।  सिंह राशि के लोगों को भगवान श्री कृष्ण के ऊपर लाल रंग के फूल चढाना चाहिए तथा तुलसी के पत्ते भी अर्पित करना चाहिए। भगवान कृष्ण को ही अपनी आराध्य मानकर उनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए । यदि किसी प्रतियोगी परिक्षा की तैयारी कर रहे है और उसमें सफलता चाहते है तो गौरी पुत्र गणेश जी को लाल रंग का चंदन लगाएं ।

कन्या राशि पैसे कमाने का शौक को हर किसी को होता है, परंतु कन्या राशि के जातको को पैसा कमाने का बहुत ही ज्यादा शौक होता है। इन लोगों को अपने कैरियर में आगे बढ़ने के लिए शमी के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। यदि आपके घर परिवार के या फिर आपके ही विवाह में कोई बाधा खड़ी होती है तो सत्यनारायण भगवान की कथा सुननी चाहिए। स्वास्थ्य-सेहत में कोई सुधार चाहते है तो माता आदिशाक्ति की पूजा करें।

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तुला राशि तुला राशि के जातक जल्दबाज होते है और थोड़ी  से लापरवाह भी होते है। इस राशि वालों को माता काली की पूजा करनी चाहिए। शादी-विवाह की समस्या को दूर करने के लिए मंगलवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। परिक्षा में जुटे छात्रों को दुर्गा चालीसा का पाठ करना चाहिए  और गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

वृश्चिक राशिवृश्चिक राशि के जातक क्रोधी स्वभाव के होते है तथा इनकों अपने गुस्से पर नियंत्रण करना नही आता है। इस राशि के जातक अगर हनुमान जी की पूजा करते है तो इनको मनमर्जी अनुसार फलों की प्राप्ति होती है। हर शनिवार तथा मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना इनके लिए बहुत ही शुभ माना गया है।

धनु राशि इस राशि के जातको का बर्ताव थोडा सा अशिष्टतापूर्ण होता है । यह बहुत ही छोटी-छोटी बातों पर हर किसी से रुठ जाते है।  इनको अपने काम-काज में सफल होने के लिए प्रत्येक गुरुवार को शंकर जी के ऊपर चंदन का लेप लगाना चाहिए और मंगलवार को दिन 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

मकर राशि इस राशि के लोग खुद से ज्यादा दूसरों को ऊपर विश्वास करना पसंद करते है, जिसकी वजह से बहुत बार इनको परेशानी को भी सामना करना पड़ता है। इन लोगों को अपनी उन्नति के लिए भगवान विष्णु को चंदन, केसर युक्त हल्दी का लेप लगाना चाहिए। यदि आप बीमारी या फिर रोगों से ग्रसित हो तो शनि देव को तेल चढ़ाना चाहिए। कुम्भ राशि के छात्र जो पूरी मेहनत एवं लगन से पढाई कर रहें है उन्हे शिव जी की आराधना करनी चाहिए।

कुम्भ राशि कुम्भ राशि के जातक अल्हड़ एवं मस्त स्वभाव के होते है, इनको अपनी जिम्मेदारियों की बिल्कुल भी परवाह नही होती है। इन लोगों को शनिवार के दिन सरसों के तेल का दीपक किसी नजदीकी पीपल के वृक्ष के नीचे संध्या के समय जलाएं। अच्छी सेहत पाने के लिए पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित जल का चढ़ाए। प्रतियोगी परिक्षा की तैयार में लगे छात्रों को रविवार के दिन तांबे के पात्र में कुमकुम मिश्रत जल भगवान सूर्य देव को अर्पित करना चाहिए।

मीन राशि – इस राशि के व्यक्ति बहुत बहुत की कल्पनाशील स्वभाव के होते है, मीन राशि वालो का मन कभी भी स्थिर अवस्था में नही रहता है तथा इनके चित्त में चंचलता होती है। इस राशि के व्यक्तियों को विष्णु भगवान का ध्यान लगाना चाहिए तथा साथ में लक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए। इस राशि के जो भी छात्र पढ़ाई-लिखाई के क्षेत्र मे परिश्रम कर रहे है उन्हें गौरी नंदन गणेश का स्मरण विद्या आरंभ करने से पूर्व करना चाहिए।


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(Updated Date & Time :- 2020-02-15 09:49:24 )


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