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गुप्त नवरात्रि में तंत्र-मंत्र की साधना से कैसे होगा माँ दुर्गा का दर्शन

गुप्त नवरात्रि में तंत्र-मंत्र की साधना से कैसे होगा माँ दुर्गा का दर्शन

नवरात्रि तिथि का प्रारम्भ – 25 जनवरी 2020

नवरात्रि तिथि कि समाप्ति –3 फरवरी 2020

नवरात्रि मे माँ दुर्गा के नौ रूपो कि उपासना मात्र से व्यक्ति कि आयु यश, बल, किर्ति और धन-संपत्ति मे बढ़ोतरी होती है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना से लेकर आखिरी दिन यज्ञ और कन्या को भोजन कराने और दान देने से घर मे शांति और समृद्धि आती है। साथ हि आज के दिन समस्त सांसरिक सुखो को पानेके लिए माँ दुर्गा के नौ रूपो कि आराधना आवश्यक है। माघ मास मे पड़ने वाली गुप्त नवरात्रि तिथि का प्रारम्भ इस वर्ष 25 जनवरी 2020 से लेकर 3 फरवरी 2020 तक है।

साल भर मे पड़ती है कुल चार नवरात्रि

हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष भर मे कुल चार नवरात्रि पड़ती है। इनमे से दो नवरात्रि गुप्त रूप मे तथा दो प्रकट रूपो मे मनाई जाती है। गुप्त रूपो मे पड़ने वाली नवरात्रि माघ और आषाढ़ मास मे पड़ती है। जबकि प्रकट रूपो मे पड़ने वाली नवरात्रि चैत्र और आश्विन (शरद) मास मे मनाई जाती है। वैसे बात कि जाये तो प्रकट रूपो मे पड़ने वाली नवरात्रियों को हि ज्यादा महत्व दिया जाता है।परंतु उत्तर भारत के अधिकांश राज्यो ( जैसे हिमांचल, पंजाब, उत्तराखंड और हरियाणा ) मे गुप्त नवरात्रि को भी उतने हि उत्साह और धूम- धाम से मनाया जाता है। क्योंकि ऐसी मान्यता है कि गुप्त रूपो कि नवरात्रियो मे माँदुर्गा अपने नौ रूपो के सम्पूर्ण दर्शन देती है जो कि प्रकट रूपो मे पड़ने वाली नवरात्रि मे नही देती।

सर्वार्थ सिद्धि के बन रहे है योग

इस गुप्त नवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि के योग बन रहे है। तो प्रश्न ये उठता है कि सर्वार्थ सिद्धि योग आखिर है क्या? हिन्दू धर्म के अनुसार किसी भी शुभ काम को करने से पहले शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है शुभ कार्य जैसे मकान खरीदना, वाहन या जमीन खरीदना, जमीन कि रजिस्ट्री करना, रोका , तिलक या सगाई इत्यादि है।परंतु कभी – कभी ऐसा होता है यदि इन सभी काम कि जल्दी हो और शुभ मुहूर्त उस दिन नही बन रहे हो तो हिन्दू पंचांग मे कुछ दिन ऐसे भी है जो उपरोक्त लिखे कार्यो को करने के लिए उचित होते है इसे हि सर्वार्थ सिद्धि योग कहते है। परंतु यहाँ कुछ कार्यो को करने कि पाबंदी भी होती है जैसे विवाह और गृह प्रवेश कि दृष्टि से ये योग उतने अच्छे नहीं माने जाते।

तंत्र मंत्र से करे देवी कि उपासना

आज के दिन जो साधक तंत्र-मंत्र और तप कि साधना से सिद्धि प्राप्त करना चाहती है उसके लिए इस दिन कि महत्ता और बढ़ जाती है। क्योंकि आज के दिन किसी गुप्त स्थान जैसे (पहाड़ो और गुफाओ ) मे माँ दुर्गा कि आराधना करने मात्र से धन-संपत्ति आयु, यश, बल और किर्ति मे वृद्धि होती है।

किन मंत्रो का करे जाप

गुप्त नवरात्रि के नौ दिनो मे प्रत्येक दिन मंत्रो के जापो का ध्यान रखान आवश्यक है साथ हि आवश्यक है कि किन राशियो के जातको को किन मंत्रो का जाप करने से मिलेगी सम्पूर्ण सिद्धि।

मेष राशि वाले जातको को “ॐ ह्रीं उमा देव्यै नम:।“ वृष राशि वाले जातको को “ॐ क्रां क्रीं क्रूं कालिका देव्यै नम:।“मिथुन राशि के जातको को “ॐ दुं दुर्गायै नम:।“ कर्क राशि वालों को “ॐ ललिता देव्यै नम:।“ सिंह राशिवलो को “ॐ ऐं महासरस्वती देव्यै नम:।।“ कन्या राशि वालों को “।ॐ शूल धारिणी देव्यै नम:।“ तुला राशि वालों को “ॐ ह्रीं महालक्ष्म्यै नम:।“ वृश्चिक राशि वालों को “ॐ शक्तिरूपायै नम: या ॐ क्लीं कामाख्यै नम:।“ धनु राशि वालों को “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।“ मकर राशि वालों के लिए “ॐ पां पार्वती देव्यै नम:।“ कुंभ राशि वालों के लिए “ॐ पां पार्वती देव्यै नम:।“ मीन राशि वालों के लिए “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं दुर्गा देव्यै नम:।“ का जाप करना आवश्यक है।

जाने कौन से दिन माँ दुर्गा किस रूपो कि करे आराधना 

  • 25 जनवरी शनिवार - प्रतिपदा- घट स्थापना एवं मां शैलपुत्री पूजन
  • 26 जनवरी रविवार - द्वितीया- मां ब्रह्मचारिणी पूजन
  • 27 जनवरी सोमवार - तृतीया अहोरात्र, रवियोग
  • 28 जनवरी मंगलवार - तृतीया- मां चंद्रघंटा पूजा
  • 29 जनवरी बुधवार - मां कुष्मांडा पूजा, रवियोग
  • 30 जनवरी गुरुवार - मां स्कंदमाता पूजा, बसंत पंचमी, सरस्वती पूजन,
  • 31 जनवरी शुक्रवार - मां कात्यायनी पूजा, शनि उदय, अमृत सिद्धि योग
  • 1 फरवरी शनिवार - मां कालरात्रि पूजा, नर्मदा जयंती, रथ आरोग्य सप्तमी
  • 2 फरवरी रविवार - मां महागौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी, भीष्माष्टमी
  • 3 फरवरी सोमवार - मां सिद्धिदात्री पूजा, नवरात्रि पूर्णाहुति

यह भी पढ़ें - रथ सप्तमी पर कैसे करें सूर्य देव की आराधना

(Updated Date & Time :- 2020-02-07 17:25:14 )


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