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क्या आपकी कुंडली में है, विदेश जाने के योग?

क्या आपकी कुंडली में है, विदेश जाने के योग?

अपने जीवन में विदेश जाने के बारे में हर कोई सोचता है, कि एक बार विदेश जाने का अवसर प्राप्त हो जाए। लेकिन किसी न किसी समस्या के चलते ऐसा नही हो पाता है, ज्यादातर बात पैसों पर ही आती है, कि मन तो बहुत है पर विदेश जाने के लिए उतने पैसे नही जिससे कि विदेश जाने के पेपर तैयार हो जाये। हम बहुत से तारीके भी खोजने लगते है, कि कोई ऐसा आसान सा रास्ता मिल जाये जिससे विदेश जाने का सपना पूरा  हो जाए। हर इंसान की एक लालसा जरुर रहती है, ज्यादा समय के लिए न ही सही कुछ ही समय के लिए विदेश जाने को मिल जाए। यह समस्या ज्यादातर आजकल के युवा वर्ग के लोगो में बहुत ही अधिक देखने को मिलती है। हम आपको ज्योतिष के कुछ ऐसे योगों और उपायों की चर्चा करेंगे, जो आपकी विदेश जाने की यात्रा में बहुत मददगार साबित होंगे। 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुण्डली के ग्रहों की स्तिथि के अनुसार ही विदेश जाने के योग निर्मित होते है। इन ग्रहो की स्थिति हमें यह दर्शाती है कि आप अपने जीवन में कब और किस समय आप विदेश जा सकते है। ज्योतिष के अनुसार जब आपकी जन्म कुण्डली में सूर्य प्रथम भाव अर्थात लग्न में विराजमान हो तो ऐसी स्तिथि में जातक के विदेश जानें के बहुत ज्यादा योग बनते है। किसी व्यक्ति की जन्म कुण्डली में वृषभ लग्न में मंगल और शनि नवमें भाव में हो तो जातक के जीवन का अधिकांश वक्त विदेश में ही गुजरता है। ऐसे व्यक्तियों की नौकरी भी विदेश में ही लगती है। 

जन्म कुण्डली का बारहवां भाव विदेश यात्रा से संबंध रखता है, और यदि इसी भाव में चन्द्रमा स्थित हो तो ऐसा जातक विदेश में ही अपनी जीवन यापन करता है। विदेश यात्रा के ग्रहो के अंतर्गत आने वाले ग्रह ज्यादातर शनि,राहु,केतु और मंगल को माना जाता है और यदि इनमें से किसी एक का संबंध चौथे या फिर बारहवें घर से हो जाता है तो विदेश जाने की प्रबल संभावना बन जाती है। जन्म कुण्डली के भावों और ग्रहों की दशा की बात करें तो नवमें और बारहवें भाव के स्वामी की यदि दशा और अंतर्दशा चल रही हो तो भी विदेश जाने के योग बनते है। 

जन्म कुण्डली में ग्रहों की स्थिति भी विदेशी यात्रा कराने में अपनी बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अब जैसे सूर्य देव की दशा चल रही हो और सूर्य जातक की जन्म कुण्डली में उच्च के हो तो व्यक्ति के विदेश जाने के योग बनते है। ज्योतिष के अनुसार यदि जन्म कुण्डली में चन्द्रमा उच्च के हो और मंगल ग्रह की दशा चल रही हो तब ग्रहों की ऐसी स्थिति जातक को विदेश की यात्रा जरुर करवाती है। इसके अलावा भी जन्म कुण्डली में बनने वाले ऐसे बहुत से योग है, जो हमें विदेश यात्रा करने में हमारी सहायता करते है।


(Updated Date & Time :- 2019-11-18 14:58:36 )


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