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माता सीता के अवतरण दिवस पर क्यों मनाते है जानकी जयंती?

माता सीता के अवतरण दिवस पर क्यों मनाते है जानकी जयंती?

जानकी जयंती जिसे सीता अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। यह  जयंती माता सीता की जयंती है , जो कि पूरे उत्तर भारत में चन्द्र पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की अष्टमी को फाल्गुन माह में मनाई जाती है। वर्ष 2020 में जानकी जयंती 16 फरवरी दिन रविवार को मनाई जायेगी, परंतु देश के राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र  एवं अन्य भारतीय राज्यों में इस जयंती को सीता नवमी के रुप में हिन्दू माह माघ में मनाया जाता है। शास्त्रों की मान्यता है कि माता सीता का जन्म दिन मंगलवार पुष्य नक्षत्र मे हुआ था। माता सीता का नाम जानकी उनकी पिता के नाम के ऊपर रखा गया था, क्योंकि उनके पिता का नाम राजा जनक था। माता सीता को और भी अन्य नामों से जाना जाता है। उनके अन्य नाम इस प्रकार है – वैदेही अर्थात विदेहा वंश में जन्मी, सीया या सीता – यह सीता जी का उपनाम है, पार्थवी – इसका मतलब होता है राजकुमारी, भौमि या भूमिजा – माता सीता का जन्म प्रथ्वी से होने के कारण उनको इस नाम से भी जाना जाता है। मैथली – मिथला राज्य की राजकुमारी होने के नाते उन्हे इस नाम से संबोधित किया जाता है, इसके अलावा भी माता सीता के अन्य नाम है।

 

हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा जनक मिथला राज्य के एक उदार एवं दयालु शासक थे, ग्रंथों में वर्णन मिलता है कि संतान न होना उनकी मात्र एक परेशानी थी। राजा जनक लगातार संतान प्राप्ति के लिए देवताओं से प्रार्थना और विभिन्न प्रकार की पूजा करते थे। ऐसी ही एक पूजा के आयोजन के समय, वह एक खेत को समतल करवा रहे थे, ताकी वह भूमि यज्ञ के योग्य बन सके और उस भूमि में यज्ञ का आयोजन हो सके। तभी उस भूमि में उन्हे एक सुनहरा श्रंगारदान  चमकता हुआ दिखाई दिया। श्रंगारदान को खोलने पर उसके अंदर एक नन्ही सी बच्ची मिली जिन्हें उन्होंने स्वयं गोद ले लिया।

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मैथली भाषा में इस कृपालु भूमि को सीता कहा जाता था, इसलिए राजा जनक ने अपनी उस  दत्तक ली हुई पुत्री को सीता का नाम दिया। जानकी जयंती के अवसर पर एक परंपरागत अनुष्ठान के रुप में, विवाहित महिलाएं इस दिन उपवास का पालन करती है और देवी सीता से अपने घर-परिवार के कल्याण के लिए मंगल कामना करती है। इस दिन भक्त गण भी माता सीता को समर्पित मंदिरों में पूजा-अर्चना करते है और साथ ही सीता मंत्र का जाप भी करते है।

 

- माता सीता का जाप मंत्र  -

श्री जानकी रामाभ्यां नमः


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(Updated Date & Time :- 2020-02-07 17:09:05 )


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