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विष्णुमंत्र के चमत्कारिक लाभ

विष्णुमंत्र के चमत्कारिक लाभ

इस समस्त संसार के पालनहारी भगवन विष्णु की आराधना करने से व्यक्ति समस्त सुखों को प्राप्त करता है। सनातनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रिदेवों ने ही इस संसार का सृजन , भरण पोषण और विनाश तक भी किया है। इसमे परम ब्रह्म ब्रह्मा जो को सृष्टि के सृजनकर्ता के रूप में स्वीकार किये गए हैं। साथ ही भगवान् विष्णु को इस सृष्टि के पालनहारी की संज्ञा दी गयी जबकि भोलेनाथ शंकर को विनाश का पर्याय माना गया है। अर्थात यह कहा जा सकता है कि वर्तमान समय में जो कुछ भी हमारे पास भौतिक सुखों के रूप में व्याप्त है वह भगवान् विष्णु की ही देंन है। इसलिए जरूरी है कि उनकी आराधना में स्वयं को न्योछावर करने की प्रवृति प्रत्येक मानव में होनी ही चाहिए। तो इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे विष्णु मंत्र के ऐसे चमत्कारिक लाभ जो की किसी भी व्यक्ति को सभी रूपो में संपन्न बना देगा। 
विष्णु स्मरण मंत्र के लाभ
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय ||
इस मंत्र का जांप भगवान् विष्णु के स्मरण हेतु किया जाता है। जो की विष्णु भगवान का मूल मंत्र भी है। 
लक्ष्मी प्राप्ति हेतु विष्णु मंत्र 
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।।।
इस मंत्र के जांप करने से धन संपत्ति सम्बंधित सभी समस्याएं समाप्त हो जाती है। और व्यक्ति आर्थिक तौर पर मजबूत होता है। 
विष्णु वंदना के लाभ
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम् ।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम् ॥
इस वंदना के माध्यम से भगवान् विष्णु के रूपो का गुणगान किया गया है। इस मंत्र में यह कहा गया है कि जिस हरि का रूप अत्यन्त शांत है, जो शेष नाग की शैय्या पर शयन करते हैं। जिनकी नाभि से कमल निकल रहा है, वे समस्त जगत के आधार स्तंभ हैं। जो आसमान के समान हर जगह व्याप्त हैं। जो योगियों के द्वारा ध्यान करने पर मिल जाते हैं। जो समस्त जगत के स्वामी हैं, जो भय का नाश करने वाले हैं, जो धन की देवी लक्ष्मी जी के पति हैं, उन प्रभु हरि को मैं शीश झुकाकर प्नमन करता हूँ।
विष्णु कृष्ण अवतार मंत्र के लाभ
श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे।
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
इस मंत्र को विशेष तौर पर भगवान् विष्णु के आठवें स्वरुप श्री कृष्ण की स्तुति के लिए प्रयोगकिया जाता है। ऐसा माना गया है कि इस मंत्र के उच्चारण से भगवान् कृष्ण स्वयं अपने भक्तों की फ़रियाद सुनतें हैं।
विष्णु गायत्री मंत्र के लाभ
ॐ नारायणाय विद्महे।
वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
इस संसार में व्याप्त सभी प्रकार के दुःखो के निवारण हेतु विष्णु गायत्री मंत्र का जाप किया जाता है। 
तो ये थे भगवान् विष्णु के मूल मंत्र जिसका जांप करने से जातकों को सुख शांति ,धन संपत्ति और आत्म संतुष्टि की प्राप्ति होती है। सनातनी परम्पराओ के अनुसार जो कोई भी व्यक्ति सच्चे मन से भगवान् विष्णु की स्तुति करता है। वासुदेव उसके सभी दुःखो का खात्मा कर देंते है साथ ही उसे सभी तरह से संपन्न बना देंते हैं।


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(Updated Date & Time :- 2020-04-13 15:53:40 )


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