Astroscience
जाने क्या है दरिद्रता का कारण और कैसे होगी धन वर्षा

जाने क्या है दरिद्रता का कारण और कैसे होगी धन वर्षा

“धन अर्थातसाक्षात् लक्ष्मी को भला कौन स्वीकार नही करता है” इस संसार मे हर व्यक्ति कि चाहत होती है कि वह अमीर बने। उसके घर मे भी धन कि वर्षा हो परंतु कई बार कड़ी मेहनत और सही नियत से काम करने के बावजूद भी दरिद्रता उसे घेरे रहती है। ऐसी स्थिति तब बनती जब कुंडली मे उपस्थित नक्षत्र या तो बुरे घर मे बैठे हो या फिर किसी अशुभ ग्रह कि छाया धन के भावो पर पड़ रही हो। किसी भी काम कि शुरुआत से ही उसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे सफल बनाने के लिए कितना परिश्रम किया गया है और इंसान के भाग्य ने उसका कितना साथ दिया है।

दरिद्रता के क्या है कारण

“कुंडली मे उपस्थित पितृदोष है दरिद्रता का सबसे बड़ा कारण” पितृदोष का आशय है कि ऐसे अपराध जो हमारे पूर्वजो ने किए और उनके द्वारा किए गए पापो का हमारी कुंडली मे अशुभ ग्रहो के रूप मे उपस्थित होना। मुख्य रूप से किसी भी जातक कि कुंडली मे यदि शुक्र का पितृ रिन आ जाये तो ये भयंकर दरिद्रता का संकेत देता है । ऐसी स्थितिपूर्वजो द्वारा घर कि महिलाओ के साथ दुर्व्यवहार करने से उत्पन्न होती है जो आगे आने वाली पीढ़ी को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। इसी के साथ ही यदि सूर्य सातवे भाव मे हो और शुक्र कि स्थिति दूसरे भाव मे विराजमान हो तो ये भयंकर पितृदोष को उत्पन्न करती है।

यदि किसी जातक कि कुंडली मे बृहस्पति का पितृ दोष है अर्थात यदि किसी जातक के पूर्वजो ने अपने गुरु का अपमान किया हो, या अपने घर के बड़े बुजुर्गो का अपमान किया हो, या मंदिर तोड़वाने जैसा पाप किया हो, या पीपल के पेड़ कटवाए हो तो ऐसी दशा मे बृहस्पति का पितृ दोष लगता है ऐसे मे उसकी आने वाली पीढ़ियो मे सोचने समझने और निर्णय लेने कि क्षमता समाप्त हो जाती है ऐसे लोग यदि व्यापार मे हाथ आजमाते है तो उन्हे  भयंकर नुकसान होता है।

कौन-कौन से कारण है पितृदोष के

  • जिसके घर मे भ्रूणहत्या कि गयी हो।
  • जहाँ कुत्ते अथवा साँप को मारा गया हो।
  • जहाँ महिलाओ कि इज्जत नही कि जाती हो।
  • जिसने धोखे से किसी कि जमीन को हड़प ली हो।

ये सभी दोष आगे आने वाली पीढ़ियो मे पितृदोष के रूप मे एकत्र हो जाते है जिसका प्रभाव धन-संपत्ति पर पड़ता है।

कौन से ग्रह करेंगे धन कि वर्षा

धनवान होने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि पितृ दोष को दूर किया जाए। इन उपायो को अपनाकर पा सकते है पितृदोष से निजात।

  • वर्ष मे एक बार घर मे श्रीमद्भगवत गीता का पाठ कराये।
  • हर चतुर्दशी को पीपल के वृक्ष को कच्चा दूध चढ़ाए।
  • अपने पूर्वजो कि बरसी पर मंदिरो मे ब्राह्मणो को दान दे।
  • काले कुत्ते को शनिवार के दिन खाना खिलाए।

इन सभी उपायो के फल इसे अपनाने के 1 से 3 वर्ष के बाद मिलेंगे।

कुंडली मे इन तीन ग्रहो (बुद्ध, शनि और बृहस्पति ) का अच्छे भावो मे उपास्थित होना अत्यंत आवश्यक है। जिस भी इंसान के ये तींन ग्रह अच्छे है ज़िंदगी मे वो अमीर जरूर बनता है।

यदि किसी जातक कि कुंडली मे सिंह लग्न के दसवे घर मे बुद्ध और सूर्य कि उपस्थिति हो तो ऐसे योग वाले व्यक्ति अत्यंत बुद्धिमान और चतुर होते है। ऐसे लोगो को व्यापार संबन्धित कार्यो मे अत्यंत लाभ होता है ये लोग बहुत कम समय मे चर्चित हो जाते है।

यदि मीन लग्न के दसवे भाव मे यदि बृहस्पति और चन्द्र विराजमान है तो ये कुंडली के केंद्र मे त्रिकोण बनाते है यह दशा व्यक्ति को राजा महाराजा जैसे योग प्रदान करता है ।

मेष और वृश्चिक लग्न वाले जातको कि कुंडली मे यदि पांचवे भाव मे मंगल हो और ऐसी दशा बन रही हो कि लाभ के स्थान पर शुक्र विराजमान हो तो ऐसे व्यक्तियों को धन संबन्धित परेशानियाँ नही आती है ।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी जातक कि कुंडली के दूसरे और ग्यारहवे भाव मे मंगल और सूर्य विराजमान हो तो ऐसे व्यक्ति को व्यवसाय मे कभी नुकसान नही होता है।

गजकेशरी और लक्ष्मी नारायण योग-

यदि किसी जातक कि कुंडली के दसवें घर मे बृहस्पति और मंगल कि स्थिति एक ही भाव मे हो या फिर चंद्रमा और मंगल एक ही भाव मे विराजमान हो तो ऐसे व्यक्तियों कि कुंडली मे लाभ कि दृष्टि से अत्यंत अच्छे संयोग बनते है जिसे ज्योतिष शास्त्र मे गज केशरी और लक्ष्मी नारायण योग कि संज्ञा दी गयी है। ऐसे व्यक्ति बहुत  कम प्रयासो के द्वारा ही धन अर्जित कर लेते है और इन पर सदैव माँ लक्ष्मी कि कृपा बनी रहती है।


यह भी पढ़ें - कुंडली का कालसर्प दोष है यदि सफलता मे बाधक तो जाने क्या है कारण और निवारण

(Updated Date & Time :- 2020-02-10 10:35:18 )


Gd Vashisht Enquiry

Comments

speak to our expert !

Positive results come with right communication and with decades of experience. Try for yourself about our experts by calling one of them
to feel the delight about understanding your problems, and in getting the best solution and remedies.

Astroscience