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मनचाहा वर पाने के क्या है उपाय

मनचाहा वर पाने के क्या है उपाय

शादी मे आ रही है अड़चन, या बार-बार टूट रहे है रिश्ते, उम्र बढ़ने के साथ कम होती जा रही है गृहस्थ जीवन मे आने की संभावना या नहीं मिल पा रही है परफेक्ट मैच मेकिंग इस तरह के तमाम सावल अगर आपके या आपके माता- पिता के ज़हन मे भी हर-रोज आते है तो आज मिलेंगे इन सब के उत्तर जानिए आखिर क्यों उत्पन्न हो रही है ऐसी परिस्थिति?क्या आपकी कुंडली मे वीराजमान ग्रहो कि स्थिति है इसके पीछे का कारण?जाने कौन से उपाय दिलाएँगे बुरे ग्रहो से मुक्ति इसके साथ ही कौन से उपायो से पूरी होगी मनचाहा वर पाने की मनोकामना।

किस दोष के कारण नही मिल पाती परफेक्ट मैच मेकिंग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली मे ऐसे अनगिनत संयोग बनते है जिससे शादी–विवाह मे विघ्न पड़ती है या अनगिनत प्रयास के बावजूद अच्छा वर या वधू नही मिल पाता है। भाग्य रेखा और कुंडली मे ये सारे संयोग पहले से ही विराजमान होते है यही कारण है कि द्वारिकाधीश और रुक्मिणी का विवाह हुआ जबकि प्रेम तो श्री कृष्ण ने राधा से ही किया था। यदि कुंडली मे विवाह के योग है तो आपकी आयु के 17 से 24 वर्ष कि अवस्था तक आपकीअपने जीवनसाथी से मुलाक़ात किसी न किसी रूप मे हो जाएगी या इसका एक संकेत इस ओर भी इंगित करता है कि इस वर्ष कि आयु तक आपके लिए रिश्ते आने शुरू हो जाएंगे। इसी के विपरीत यदि आपके कुंडली मे विवाह योग है ही नही तो 30 क्या 35 वर्ष कि आयु तक भी कोई रिश्ते नही आएंगे या आएंगे भी तो एक-आक बहुत दूर दराज के और यदि ऐसे मे शादी हो भी जाती है तो जीवन सुखी नही रह पाता संतान प्राप्ति मे भी संशय रहता है जिसका अंतिम परिणाम तलाक के रूप मे सामने आता है।

कुंडली के भीतर मुख्य रूप से मंगल, शनि, सूर्य, राहू और केतू इसके लिए जिम्मेदार माने गए है। कुंडली के सातवे घर मे यदि कोई अशुभ ग्रह विराजमान हो या किसी भी शुभ ग्रह कि छाया इस पर नही पड़ रही हो तो ऐसी स्थिति मे बृहस्पति और शुक्र के कमजोर होने कि स्थिति मे विवाह मे विघ्न या बाधा उत्पन्न होती है।

यदि कुंडली मे चन्द्र और शुक्र एक ही भाव मे हो और सातवे भाव मे शनि और मंगल विराजमान है तो ये संयोग भी विवाह मे बाधक सिद्ध होता है।

कुंडली का सप्तम भाव यदि शनि और सूर्य की स्थिति से प्रभावित हो रहा है तो भी ऐसे संयोग बनते है जो कि विवाह कि दृष्टि से अनुचित है।

क्या है उपाय

चन्द्र और मंगल को खुश करने के लिए 4 छुहाड़ों को चार गिलास पानी मे उबाल कर नदी मे विसर्जित कर दे ऐसा करने से चन्द्र और मंगल चौथे घर मे चले जाएंगे जिसे श्रेष्ठ गृहस्ती धन के संयोग बनते है जो विवाह के लिए उत्तम है।

यदि आपकी आयु 30 वर्ष या इससे अधिक हो गयी है और अभी तक विवाह के संयोग नही बन रहे है तो ऐसे मे तैतालीस दिनो तक लागातार 12 सफ़ेद फूलो (चमेली या मोगरा) को लेकर उसे किसी साफ-सुथरी जगह जहाँ हल्की घास हो मिट्टी के नीचे दबा दे जल्द ही विवाह के संयोग बनेंगे।

व्रत और उपवास

ऐसा माना जाता है कि पार्वती ने महादेव को पाने के लिए सोलह सोमवार का व्रत धारण किया है। इसीलिए हर  कुँवारी कन्याओ को मनचाहा वर पाने के लिए सोलह सोमवार के व्रत के साथ प्रत्येक सोमवार के दिन शिवलिंग पर बेल पत्र चढ़ाना आवश्यक है। महाशिवरात्री के दिन व्रत धारण कर शिवलिंग पर कच्चा दूध और बेल पत्र अर्पित करे ।

साथ ही पीले वस्त्रो के साथ पाँच इलायची हर बृहस्पतिवार को सुबह के समय किसी ब्राह्मण को दान करे।

प्रत्येक दिन राधा-कृष्ण कि मूर्ति के समक्ष  ”ओम श्री कृष्णाय नम” का 108 बार जाप करे इसके साथ ही तीन महिनो तक हर बृहस्पतिवार को 108 बार ”ओम लक्ष्मी नारायण नमः” मंत्र का जाप करे।

सफ़ेद रंग का खरगोश पाले और कन्या जातक प्रत्येक दिन इस खरगोश को खाद्य पदार्थ अपने हाथो से खिलाएं अच्छे वर के योग बनेंगे।


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(Updated Date & Time :- 2020-02-07 17:30:36 )


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