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गणतन्त्र दिवस कि संध्या पर कैसे बनेंगे नक्षत्रो के योग क्या कुछ कहती है भारत की भाग्य रेखा

गणतन्त्र दिवस कि संध्या पर कैसे बनेंगे नक्षत्रो के योग क्या कुछ कहती है भारत की भाग्य रेखा

भारत मे 26 जनवरी को गणतन्त्र दिवस के रूप मे मनाया जाता है। आज ही के दिनसाल 1950 मे हमारा संविधान लागू किया गया था । और देश कि एकता,अखंडता और संप्रभुता को बढ़ावा देने के लिए दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान वर्णित किया गयाथा। इस वर्ष इसे हम 70वे गणतन्त्र दिवस के रूप मे मनाएंगे। यह भारत के तीन राष्ट्रीय पर्वो मे से एक है जिसमे से अन्य दो गांधी जयंती और स्वतन्त्रता दिवस है।आज के दिन राजपथ का नजारा अत्यंत मनमोहक होता है। जिसके अंतर्गत विभिन्न राज्यो कि सांस्कृतिक और पारंपरिक विराषतो कि झांकियों के दर्शन मिलते है। वही दूसरी ओर तीनों सैन्यबल  (जल,थल और नभ ) अपनी –अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करते है। देश भक्ति कि भावना से ओत- प्रोत यह पर्व देश के हर नागरिक के जीवन मे एक गौरव का क्षण है।राजपथ पर कार्यक्रम कि शुरुआत माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ कि जाएगी। हर बार कि तरह इसबार भी कुछ विदेशी अतिथियों का आगमन होगा इस बार मुख्य अतिथि के रूप मे ब्राज़ील के प्रधानमंत्री जैर बोलसोनारों को आमंत्रित किया गया है।जहाँ एक ओर यह पर्व देश के नागरिकोंकि देशभक्ति व लोकतान्त्रिक भावो को दर्शाती है। वही दूसरी ओर अगर ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से देखे तो कैसा रहेगा भारत का 70वां गणतन्त्र.................

देश कि राजधानी मे सूर्योदय कि बेला पर मकर लग्न मेष नवांश है। लग्न का स्वामी ग्रह शनि कि उपस्थिति द्वादश भाव मे अपने मित्र ग्रह का होकर धनु के साथ विराजमान है। ऐसी स्थिति दर्शाती है किभारत अपना  परचम विदेशो मे लहराएगा अर्थात देश की किर्ति विदेशो मे बढ़ेगी।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि को धन का ग्रह माना गया है। शनि की तृतीय दृष्टि के कारण विदेशी कंपनियो का निवेश, भारत मे होने की संभावना है। जो की भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत देती है। साथ ही निवेशों को बढ़ावा देने से बेरोजगारी जैसी समस्या कई हद तक कम होगी।

इसके साथ ही छटे शत्रु भाव पर मित्र दृष्टि होने से देश के आंतरिक कलह समाप्त होंगे और बाहरी शत्रु परास्त होंगे। और जहां तक बात है व्य्य भाव कि तो इसकी स्थिति भाग्य पर अनुकूलित पड़ रही है जिससे आने वाले समय मे भारत आर्थिक तौर पर मजबूती के साथ अपना पक्ष विदेशो मे रखेगा और वर्तमान सरकार का भविष्य भी उज्जवल रहेगा।

ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से ग्रहो के योग बतलाते है कि यह वर्ष  भारत कि विदेश नीतियो तथा सैन्य शक्तियों के लिए हितकारी है और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मे प्रगति के पथ पर अग्रसर है।


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(Updated Date & Time :- 2020-02-10 10:38:17 )


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