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जानिए क्या है, ज्योतिष में बुध ग्रह का महत्व

जानिए क्या है, ज्योतिष में बुध ग्रह का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह का बहुत ही महत्व होता है, बुध ग्रह को ज्योतिष में नक्षत्र मण्डल का राजकुमार कहा गया है। बुध ग्रह दो राशियों के स्वामी है, जिनका नाम मिथुन और कन्या है। बुध की उच्च राशि कन्या तथा नीच राशि मीन को माना जाता है। बुध ग्रह के खुद के कुछ गुण-दोष कम होते है, परंतु दूसरे ग्रहों की संगत के अनुसार ही यह फल देते है। अगर बुध किसी अच्छे ग्रह के साथ विराजमान है, तो अच्छे फल देंगे और यदि किसी खराब ग्रह के साथ युक्ति है तो उसी के अनुरुप फल प्रदान करते है। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, संवाद, व्यापार, व्यवसाय तथा चतुरता का ग्रह माना जाता है। बुध ग्रह की महादशा 17 वर्ष की होती है। बुध ग्रह का सबसे बड़ा गुण होता है, कि यह दूसरे ग्रहों के गुणों को लेकर उन्हीं ग्रहों के अनुसार परिणाम देता है। अब इसको ऐसे समझ सकते है, जैसे बुध शनि के साथ विराजमान है या शनि की दृष्टि बुध के ऊपर पड़ रही है, तो ऐसी स्थिति में बुध शनि के गुणों को ग्रहण करेगा और उसी के अनुरुप फल देगा यानि जातक को बुध के द्वारा शनि के गुणों की प्राप्ति होगी। यदि बुध ग्रह शुभ ग्रहों (गुरु, शुक्र और बली चंद्रमा) के साथ होता है तो यह शुभ फल देता है और क्रूर ग्रहों (मंगल, केतु, शनि राहु, सूर्य) की संगति में अशुभ फल देता है।
 
ज्योतिष के अनुसार बुध के मित्र सूर्य और शुक्र है, जबकि चन्द्रमा को अपना शत्रु मानता है। शनि,मंगल और गुरु के साथ समानता का व्यवहार रखता है। बुध मुख्य रुप से वाणी और बुद्धि का कारक ग्रह है। अच्छे बुध वाला व्यक्ति बुद्धिमान तथा अपनी आवाज के द्वारा लोगो को अपनी ओर आकर्षित करता है। अच्छे बुध वाला जातक अपनी वाणी के द्वारा अपने हर कार्य को बहुत ही आसानी से कर लेता है। जिसका बुध अच्छा होता है, वह अच्छे कौशल का धनी होता है। अच्छे बुध वाले व्यक्ति ज्यादातर सलाहकार, वकील, लेखक, कवि, नेता, नायक, अध्यापक एवं शिक्षा से संबंधित क्षेत्र में बहुत ही अग्रणी होते है। 

बुध ग्रह को लाल किताब के अनुसार बिना पेंदे का लोटा भी माना जाता है, अर्थात इसका कोई अस्तित्व नही होता, बल्कि दूसरे ग्रहों के गुण दोषों को ग्रहण कर उनके अनुरुप ही फल देता है। बुध ग्रह को स्त्री की संज्ञा दी गई है। मनुष्य के शरीर में बुध ग्रह वायु तत्व की भूमिका निभाता है। जब यह बुध कन्या राशि में स्थित होते है, तो बहुत ही बलशाली हो जाते है तथा जब मीन राशि में स्थित होते है तो बहुत की कमजोर स्थिति के अंदर आ जाते है। रिश्तों की बात करें तो रिश्तों में बुध बहन, बुआ, मौसी, भतीजी और बेटी का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष के जानकारों का मानना है, कि यदि इन रिश्तों में हमारी किसी से नही बनती है तो फिर हमारी जन्म कुण्डली का बुध खराब है, या इसमें से किसी को भी अगर कोई दुःख तकलीफ हो तो भी हमें बुध के अच्छे परिणाम नही प्राप्त हो पाते है। 

ज्योतिष में कहा गया है, कि बुध शुद्ध तो सब शुद्ध अर्थात बुध अच्छा तो सब कुछ अच्छा परंतु यदि बुध ही खराब है तो हमें लेने के देने पड़ जाते है। जिस इंसान का बुध खराब हो जाता है, उसके जीवन में मुश्किलों के पहाड़ टूट पड़ते है। ऐसे इंसान की दिमागी हालत ठीक नही रहती है, सही जगह पर बुद्धि काम करना बंद कर देती है। कर्ज तथा आर्थिक तंगी से परेशान हो जाता है। बुद्धिमान होने का घमंड इतना ज्याता करता है, जैसे संसार में अब इससे ज्यादा बुद्धिमान व्यक्ति अब दूसरा कोई और नही है। यह सब खराब बुध की निशानी है, अगर किसी भी जातक के जीवन में इस तरह की कोई भी परेशानी या फिर समस्या आ रही है, तो तुरंत किसी अच्छे ज्योतिषी से मिलकर इस परेशानी के निवारण के लिए उपाय करें और जन्म कुण्डली के बुध को ठीक कर लें। 


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(Updated Date & Time :- 2020-02-11 10:19:37 )


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