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सूर्य ग्रहण से किस राशि को होगा लाभ और किसे उठानी पड़ेगी हानि?

सूर्य ग्रहण से किस राशि को होगा लाभ और किसे उठानी पड़ेगी हानि?

भारतीय हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष 2019 का आखिरी सूर्य ग्रहण 26 दिसम्बर दिन गुरुवार के दिन लगने जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव हर राशि के ऊपर होने वाला है। धनु राशि में लगने जा रहा यह सूर्य ग्रहण 144 वर्ष बाद एक महासंयोग निर्मित करता है। महासंयोग निर्मित होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण यह है, कि धनु राशि में पहले से ही गुरु, शनि, केतु और चन्द्रमा विराजमान है और उसी में सूर्य भी प्रवेश होने जा रहे है। इससे पहले यह संयोग 144 वर्ष पहले निर्मित हुआ था। इस सूर्य ग्रहण से कुछ राशियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है तथा कुछ राशियों के लिए यह सूर्य ग्रह सामान्य फल देना वाला होगा। वर्ष 2019 का यह अंतिम सूर्य ग्रहण है, जो 26 दिसम्बर को 8 बजे से शुरु होकर 10 बजकर 57 मिनट तक पूर्ण रुप से प्रभावी रहेगा। सूर्य ग्रहण की सबसे खास बात यह है कि इसका सूतक काल 25 दिसम्बर को शाम से प्रारंभ होकर अगले दिन यानि का 26 दिसम्बर को सुबह 10.57 तक अपने प्रभाव में रहेगा।

 

आखिर ग्रहण होता क्या है -

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार ग्रहण को अशुभ माना जाता है क्योंकि ग्रहण का अर्थात होता है किसी को निगल जाना। इसी प्रकार जब भी हमारे नक्षत्र मण्डल में ग्रहण लगते है तो इसमें सूर्य या फिर चन्द्रमा को राहु-केतु के द्वारा कुछ समय के लिए निगल लिया जाता है। ज्योतिष के अनुसार इसी को हम ग्रहण के नाम से जानते है। ग्रहण दो प्रकार के होते है, एक तो सूर्य ग्रहण और दूसरा चन्द्र ग्रहण। जब सूर्य के ऊपर ग्रहण लगता है तब सूर्य ग्रहण की घटना होती है और जब चन्द्रमा के ऊपर ग्रहण लगता है तो चन्द्र ग्रहण की घटना घटित होती है।

 

जानिए क्या है अलग-अलग राशियों पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव –

मेष राशि मेष राशि के जातकों को इस सूर्य ग्रहण से  कोई खास दिक्कत होने वाली नही है परंतु अपने बच्चों का खास ख्याल रखें क्योंकि इस सूर्य ग्रहण से  आपके बच्चों के ऊपर कुछ गलत प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही जो महिलाएं गर्भ से है उन्हें बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है। वह इस सूर्य ग्रह को भूल से भी नही देखें।

वृषभ राशि वृषभ राशि वालों को ग्रहण के दौरान बहुत सावधानी रखने की आवश्यकता है। क्योंकि इनकी कुण्डली के अष्टम भाव में ग्रहण लगने जा रहा है जो कि अच्छे संकेत नही है। इस राशि के जातकों पर स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए ग्रहण के समय बहुत ज्यादा सतर्क रहने की जरुरत है। आपको पेट संबंधी रोगो में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के सप्तम भाव में यह ग्रहण पड़ रहा है, इसलिए अपने जीवन साथी का विशेष ख्याल रखें, क्योंकि इस गहण का सबसे ज्यादा प्रभाव आपके जीवन साथी के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला है। अपने जीवन साथी की सेहत को लेकर कोई भी परेशानी न वरते अन्यथा किसी न किसी मुशीबत में पड़ सकते है।

कर्क राशि आपकी राशि में यह ग्रहण छठें भाव में पड़ेगा, और जन्म कुण्डली का छठा भाग रोग, ऋण तथा शत्रु का भाव होता है। आपके इस भाव में बहुत ज्यादा ग्रह एक साथ होने पर कुछ न कुछ दिक्कत पैदा कर सकते है। आपको सबसे पहले अपने खान-पान में ध्यान देने की बहुत ज्यादा जरुरत है अन्यथा आप बिमार पड़ सकते है। कर्क राशि वाले जिन जातकों को श्वास संबंधी कोई दिक्कत होती है तो इस समय वह बढ़ सकती है इसलिए पहले से सावधान रहें।

सिंह राशि सिंह राशि वालों पर यह ग्रहण पंचभ भाव में पड़ रहा है। जन्म कुण्डली का पंचभ भाव विद्या बुद्धि और संतान का भाव होता है, इसलिए यह तीनों इस ग्रहण के कारण प्रभावित हो सकते है। इस राशि के जातकों को मानसिक तनाव से गुजरना पड़ सकता है। इस समय आपको अपनी संतान का विशेष ध्यान रखना चाहिए और बच्चों को छोटी मोटी परेशानी आ सकती उसका ध्यान देकर उनको परेशानी से बचाया जा सकता है।

कन्या राशि -  यह ग्रहण कन्या राशि वालों के चतुर्थ भाव में पड़ रहा है। इस राशि के जातकों के जीवन में जो पहले से परेशानियाँ चल रही है वह थोडी सी कम हो जायेगी। परंतु कन्या राशि के जातकों को जो ह्रदय संबंधी रोग परेशान कर रहें है वह थोडे से ज्यादा हो सकते है, इसलिए अपनी सेहत का इस समय विशेष ध्यान दें। कन्या राशि के लोगों के काम-काज की बात करें तो यह बहुत अच्छा चलने वाला है। ज्यादा से ज्यादा अपने काम पर ध्यान दें और फालतू के व्यसनों से बचें।

तुला राशि तुला राशि के जातकों पर यह ग्रहण तीसरे भाव में घटित हो रहा है। तुला राशि के जातक चाहे नौकरी पेशा वाले हो या फिर व्यापारी वर्ग से हो दोनो के लिए यह परिवर्तन का समय नजर आ रहा है। अगर आप इस समय नौकरी या व्यापार में परिवर्तन करना चाह रहे है तो यह बहुत ही अच्छा समय है। इस समय आपका तबादला भी हो सकता है अर्थात इस सूर्य ग्रहण से आपका स्थान परिवर्तन हो सकता है।

वृश्चिक राशि सूर्य ग्रहण का असर इस राशि वालों के दूसरे घर में पड़ेगा। वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय अच्छा साबित हो सकता है। इस राशि वालो को स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार की बाधाओं का सामना भी नही करना पड़ेगा। वृश्चिक लग्न वालों के लिए इस ग्रहण का कोई भी बुरा प्रभाव नही पड़ने वाला है। इस राशि वालों को अच्छे लाभ प्राप्ति के योग भी बन रहे है।       

धनु राशि यह सूर्य ग्रहण धनु राशि पर ही बन रहा है, इसलिए सबसे ज्यादा प्रभाव इसी राशि वालो पर होगा। इस समय धनु राशि के लग्न में छह ग्रह विराजमान है और इसी कारण धनु राशि पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। सबसे ज्यादा नकारात्मक प्रभाव धनु राशि के ऊपर ही पड़ने वाला है, इसलिए अपनी सेहत का विशेष ध्यान दें तथा साथ ही साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है इसलिए मानसिक तनाव से दूर रहेंगे तो आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा।

मकर राशि मकर राशि वालों की जन्म कुण्डली के बारहवें भाव में यह सूर्य ग्रहण लग रहा है। जन्म कुण्डली का यह भाव नुकसान तथा खर्च का भाव होता है। इस राशि के जातकों को कोई भी पुरानी बिमारी उभर सकती है। कोलेस्ट्रॉल और हाई बीपी की शिकायत भी इस राशि के जातको पर देखी जा सकती है। इसलिए अपने स्वास्थ्य के प्रति किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न करें।

कुम्भ राशि कुम्भ राशि के जातकों की जन्म कुण्डली के ग्यारहवें भाव में यह सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। हमारी जन्म कुण्डली का ग्यारहवां भाव लाभ का घर माना जाता है इसलिए इतने सारे ग्रह लाभ के स्थान में बैठ कर इस ग्रहण का पूरा लाभ दे सकते है। इस राशि के जातकों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी ग्रहण के दौरान या ग्रहण के बाद नही रहेगी। इस समय जो लोग कारोबार से जुड़ कर अपने जीवन को चला रहे है उनको इस समय भारी सफलता प्राप्ति के लाभ बनते दिख रहे है।

मीन राशि जन्म कुण्डली का दसवां भाव कर्म का भाव माना जाता है और मीन राशि के जातकों की जन्म कुण्डली के कर्म भाव अर्थात दसवें भाव में यह सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इस राशि के जातकों को खासकर मानसिक तनाव से बचना है और अपने आप को बेकार की बातों से दूर रखना है। इस राशि के जातकों को कार्य क्षेत्र में बडी सफलता मिलने की संभावना बन रही है। नौकरी तथा व्यावसाय में लाभ होने के पूर्ण अवसर बन रहें है। मीन राशि के लोगों को इस समय विदेश यात्रा के सपने भी पूरे होगे और जो लोग विदेश में नौकरी करने का मन बना रहे है यह समय उनके लिए बहुत ही उत्तम है।

 

ग्रहण काल के दौरान क्या करें और क्या न करें

हमारे धर्म ग्रंथो के अनुसार ग्रहण काल के दौरान किसी भी प्रकार का कोई भी शुभ कार्य करना पूर्ण रुप से वर्जित होता है। इस दौरान मंदिर की मूर्तियों को स्पर्श करना भी मना होता है, क्योंकि इस दौरान मंदिर तथा सभी शिवाले बंद होते है। ग्रहण काल के दौरान बच्चों, बुढ़ो एवं बिमार लोगो को छोड़कर किसी को भी किसी भोजन करने की अनुमति नही होती है और न ही किसी प्रकार का जलपान करना चाहिए। ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिला को भी ग्रहण के दर्शन करना वर्जित है और अगर कोई महिला ऐसा करती है तो उसके गर्भ में पलने वाली संतान में विकृति उत्पन्न हो सकती है। किसी भी ग्रहण में सूतक काल ग्रहण लगने के 12 घण्टे पूर्व प्रारंभ हो जाता है। ग्रहण काल के दौरान मन ही मन ईश्वर का स्मरण करना चाहिए और भगवान की मुक्ति के लिए अपने  इष्टदेव से प्रार्थना करनी चाहिए।


(Updated Date & Time :- 2019-12-26 09:09:24 )


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