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घर का वास्तु दोष दूर करने के उपाय

घर का वास्तु दोष दूर करने के उपाय

चार दीवारों और एक छत से मकान का निर्माण होता है। मकान को घर बनाने का काम उसमे रहने वाले लोगो पर निर्भर करता है। कभी-कभी नए घर मे प्रवेश करने के साथ ही परिवार के लोगो पर संकट के बादल छा जाते है हर समय बीमारी,दुख तकलीफ़ों का दौर शुरू हो जाता है। कभी-कभी तो असमय मृत्यु जैसी घटना भी देखने को मिलती है। ये सभी घटनाएँ कहीं न कहीं घर बनवाते समय या घर मे सामानो को रखते समयवास्तु शास्त्र कि अनदेखी के कारण उत्पन्न होती है इसलिए जरूरी है कि भवन निर्माण से पूर्व और बाद दोनों हि स्थितियो मे वास्तु शास्त्र का ध्यान रखा जाए।

किन-किन चीज़ों कि गलत स्थिति से उत्पन्न होते है “वास्तु दोष”

भवन निर्माण के समय दिशाओ का ध्यान अत्यंत आवश्यक है। किस दिशा मे कौन सी चीजे बनेंगी अर्थात घर कि सीढ़िया किस दिशा मे होंगी, दरवाजे तथा खिड़कीयोकि दिशा क्या होगी, आँगन,रसोई घर इत्यादि इन सब का सही दिशा मे होना इसके साथ ही घर मे रखी जाने वाली वस्तुए जैसे टीवी, फ्रिज वॉशिंग मशीन का सही जगह पर होना जरूरी है। इसकी स्थिति ठीक न होने की दशा मे घर मे वास्तु दोष उत्पन्न होते है जो कि परिवार के सदस्यो को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। वास्तु दोष का असर मुख्य रूप से परिवार के सदस्यो कि सेहत पर  पड़ता है।

भवन निर्माण मे कैसे रखे वास्तु का ध्यान

घर बनवाते समय घर कि सीढ़ियाँ कहीं से भी शुरू होकर यदि उत्तर दिशा मे छत कि ओर खुलती है तो यह वास्तु दोष है। यह दिशा सभी तरीके से परिवार के सदस्यो के लिए घातक सिद्ध होगी जिसके निराकरणका एकमात्र उपाय यहीं है कि उसकी स्थिति बदल दी जाए।

रसोई घर का निर्माण हमेशा घर के बाहर कि तरफ होना चाहिए ऐसा माना जाता है कि जब भी व्यक्ति घर से बाहर निकले तो पीछे कि तरफ से वो आग के संपर्क मे होना चाहिए जिस कारण से रसोई कि स्थिति बाहर कि तरफ रखनी चाहिए।

परंतु यदि आपका घर पश्चिम कि तरफ है तो ऐसी स्थिति मे रसोई घर कि पश्चिम की तरफ स्थिति घर कि महिलाओ को बीमार बनाती है। इसके साथ ही दाम्पत्य जीवन मे कलह और आर्थिक रूप से कमजोरी का भी कारण बनती है। ऐसे मे कभी भी रसोई कि दिशा पश्चिम कि ओर नही होना चाहिए।

घर के सामानो कि क्या हो स्थिति

टीवी की दिशा और स्थिति – घर मे प्रवेश करते ही ठीक सामने टीवी नही होना चाहिए क्योंकि ऐसे मे जब भी आप  घर से बाहर निकलेंगे आपके पीछे इलेक्ट्रानिक डिवाइस होगा जो की राहू है या राहू और बुद्ध का मिश्रित रूप है ऐसे मे घर का कमाने वाला सदस्य महत्वाकांक्षी तो बहुत होगा परंतु उनके हर काम मे रोड़े पड़ेंगेइसके साथ हि यदि घर मे टीवी की स्थिति घर मे प्रवेश करते ही हो और उस घर मे मदिरा का सेवन किया जाता हो तो यह स्थिति परिवार के लोगो के जीवन को और भी बदत्तरबनाती है।

अलमारी कि स्थिति – घर मे अलमारी कि दिशा यदि उत्तर या दक्षिण दिशा मे है तो यह स्थिति बेफिजूल के खर्च का कारण बनती है। ऐसे मे व्यक्ति फालतू कि चीज़े ख़रीदता जाता है जिस चीज़ कि उसे अवश्यकता भी नही है।

विवाहिता जोड़े के बेडरूम की दिशा –वैवाहिक जोड़े के लिए बेडरूम कि दिशा दक्षिण पश्चिम कि ओर होनी चाहिए क्योंकि घर का यह कोना ठंडा होता है भले ही दिन के समय यहाँ उतरती हुई धूप प्रवेश करती है परंतु घर के अन्य हिस्सो कि तुलना मे यह अत्यंत ठंडा होता है जो कि वैवाहिक दंपत्ति के विचारो के मिलन के लिए सबसे उत्तम होता है। इसी के विपरीत इस जोड़े का कमरा कभी भी दक्षिण पूर्व मे नही होना चाहिए ऐसी स्थिति मे ब्याहता जोड़े सदैव लड़ते ही रहेंगे और यदि लड़ेंगे नही तो हमेशा बीमार रहेंगे।

बच्चो और बुजुर्गो का कमरा –बच्चोकिपढ़ाई-लिखाई और स्वास्थ्य किदृष्टि से बच्चो का कमरा उत्तर पूर्व मे होना चाहिए क्योंकि इस दिशा से आने वाली आक्सीजन युक्त वायु बच्चो के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है इसी के साथ ही यह बुजुर्गो के स्वास्थ्य के लिए भी उतनी ही आवश्यक है ।


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(Updated Date & Time :- 2020-02-07 17:28:45 )


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