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विनायक चतुर्थी पर कैसे करे बप्पा का स्वागत

विनायक चतुर्थी पर कैसे करे बप्पा का स्वागत

विनायक चतुर्थी (गणेश जयंती) – 28 जनवरी

दिन – मंगलवार

गणपती स्थापना का शुभ मुहूर्त – प्रातः 8 बज कर 10 मिनट से 10 बज कर 50 मिनट तक

गजानन, गणपती, मूषकराज भगवान श्री गणेश की आराधना के लिए विधाता ने कोई दिन निर्धारित नही किया है। अर्थात हर दिन हि ईश्वर कि उपासना का दिन माना जाता है। हिन्दू धर्म मे मान्यता है कि किसी भी कार्य की शुरुआत करने से पूर्व गणपती की आराधना शुभ मानी जाती है।गणपती की पूजा-अर्चना करने से घर मे सुख-शांति और समृद्धि आती है। साथ ही मन से पाप कटुता और हीनभावनाओ किसमाप्ती होती है। गणपती कि आराधना करने वाले भक्त तो हर रोज उनका गुण गान करते है परंतु हिन्दू पंचांगऔर मान्यताओके अनुसार कुछ ऐसे विशेष दिन भी है जिसे सिर्फ गणपती की आराधना के लिए बनाया गया है। इसी तरह माघ मास के शुक्ल पक्ष मे पड़ने वाली चतुर्थी को गणेश जयंती या विनायक चतुर्थीके रूप मे मनाया जाता है । दक्षिण भारत मे यह मान्यता है कि आज के दिन दीनों के नाथ और जगत के पालनहारी गजानन, गणपती भगवान श्री गणेश का जन्म हुआ था।

 

मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर मे भक्तो पर चढ़ेगा बप्पा का जादू

इस वर्ष 28 जनवरी से 1 फरवरी तक विनायक चतुर्थी के अवसर पर मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर मे होगा भव्य उत्सव का आयोजन।आज के दिन सिद्धिविनायक मंदिर मे रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है जिसमे पुष्प मालाओ और जयकारो के साथ गणपती का स्वागत किया जाता है। बप्पा के रथ के आगे आतिशबाजियों के साथ अनेकों कलाबाज़ियाँ दिखाई जाती है। भक्त भक्ति भाव मे डूबते चले जाते है।हर बार कि तरह इस बार भी भक्तो के सिर चढ़ कर बोलेगा बप्पाका जादू। मुंबई सहित पूरे दक्षिण भारत मे माघी गणेश जयंती को उत्सव के रूप मे मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथो और पुराणो मे भी इस दिन का वर्णन भली भाति मिलता है।

 

कैसे करे गजानन की आराधना

माघ मास की गणेश जयंती गणपती कि आराधना के लिए महत्वपूर्ण है। आज के दिन प्रातः काल स्नान ध्यान के बाद घर मे बप्पा की मूर्ति कि स्थापना करे। विधि-विधान से गणपती की पूजा के बाद गणेश आरती करे। आरती के बाद लड्डू एवं मोदक का भोग लगाएँ और ब्राह्मणो को खाना खिलाने के पश्चात्ही खुद अन्य ग्रहण करे। साथ ही इन मंत्रो का जाप आवश्यक है।

“गजाननं भूतगणाधिसेवितं,

कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् ।

उमासुतं शोकविनाशकारकम्न,

मामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥

गजाननं भूत गणादि सेवितं,

कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।

उमासुतं शोक विनाशकारकम्,

नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्॥‘

 

शुभ मुहूर्त

इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर गणपती कि स्थापना का शुभ मुहूर्त 28 जनवरी 2020 को प्रातः 8 बज कर 10 मिनट से लेकर 10 बज कर 50 मिनट तक है। शुभ मुहूर्त मे गणपती की स्थापना घर मे खुशहाली और समृद्धि लेकर आएगी ।


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(Updated Date & Time :- 2020-02-07 17:21:53 )


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