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स्वभाव की दृष्टि से कैसे होते हैं कृतिका नक्षत्र में जन्मे जातक

स्वभाव की दृष्टि से कैसे होते हैं कृतिका नक्षत्र में जन्मे जातक

अब तक हम नक्षत्र मण्डल  के दो नक्षत्रों अश्वनी और भरणी नक्षत्र के बारे में विस्तार से चर्चा कर चुके है। आज की हमारी पूरी चर्चा कृतिका नक्षत्र पर आधारित रहेगी। यह नक्षत्र मंडल का तीसरा नक्षत्र है। भरणी नक्षत्र के नक्षत्र स्वामी सूर्य देव है और अग्नि देव इस नक्षत्र के देवता माने जाते है। शुक्र ग्रह को इस नक्षत्र का दशा स्वामी कहा गया है। इस नक्षत्र का वर्ण – वैश्य होता है। कृतिका नक्षत्र की लम्बाई की बात करें तो इसकी लम्बाई 23 डिग्री 20 मिनट से ( मेष राशि से लेकर 10 डिग्री वृषभ राशि) । सभी नक्षत्रों की तरह कृतिका नक्षत्र का भी एक प्रतीक होता है, वह है तेज धार वाला औजार। यही धार कृतिका नक्षत्र वालों में दिखाई भी देती है।

कृतिका नक्षत्र पैदा होने वाले जातको में आलोचना करने की क्षमता बहुत ही ज्यादा प्रबल होती है। यह लोग ऐसे होते है जो किसी के भी अंदर बहुत ही जल्दी से कमिया देख लेते है अर्थात इन्हें दूसरे की कमिया बहुत ही जल्दी नजर आने लगती है। किसी भी व्यक्ति के अंदर अच्चाई देखें या न देखें पर बुराइयां तो सैकड़ो देख लेते है।

कृतिका नक्षत्र के जातक अपने काम के प्रति बहुत ही ज्यादा समर्पित होते है क्योंकि यह सोच कर ही चलते है कि जो भी कार्य करना है उसे पूरा करना है। यह लोग जिस भी कार्य को शुरु करते है उसको पूरा करके ही राहत की सांस लेते है। यह लोग अपने काम को अंजाम देने में बहुत बड़े माहिर होते है। इनके स्वभाव में यह भी बहुत बार देखते को मिलता है कि यह एक कार्य को पूरा करने के बाद ही किसी दूसरे कार्य का शुभारंभ करते है। कार्य के बीच में किसी नये कार्य को नही करते है और न की नये कार्य के बारे मे बिल्कुल भी सोचते है।

कृतिका नक्षत्र के लोगों मे बहुत बड़ी खुबी यह देखने को मिलती है कि आंतरिक रुप से बहुत ही मजबूत किस्म के होते है अर्थात इनके इरादों में बहुत जान होती है, इसके साथ-साथ इनके हाव-भाव से भी देखने से पता लगता है कि यह प्रबल व्यक्तित्व के होगे। इनको अनुशासन में रहना बहुत ही अच्छा लगता है तथा यह दूसरो से भी यही उम्मीद करते है कि वह भी अनुशासन में ही रहे तथा अनुशासन के अंदर रह कर कार्य करें। यह लोग भावनात्मक होते पर दूसरो से इसे छिपाकर रखते है और यह आपनी भावनाओं को दूसरे से सामने प्रकट नही होने देते है। अपने दुःखो तथा सुखो को अपने अंदर ही रखते है क्योंकि इनको इस बात का पूरी तरह से पता रहता है कि अगर मै अपने भावो को किसी के सामने रखता हू तो लोग मेरे साथ भावनात्मक रुप से खिलवाड़ कर सकता है।

कृतिका नक्षत्र वालो परेशानी यह भी होती है कि इनको दिशा का निर्धारण करने मे जानकारी नही होती है क्यों अगर यह दिशा हीन हो जाते है तो इसको कार्य मे सफलता प्राप्त होने में कुछ कठिनाईयो का सामना करना पड़ सकता और यदि इनको दिशा की जानकारी शुरु में ही हो जाये  तो कार्य को आसानी से और जल्द ही पूरा कर लेते है। कृतिका नक्षत्र के लोगों में गुस्सा बहुत ज्यादा देखने को मिलता है, परंतु यह बहुत ज्यादा देर तक इनका गुस्सा रुकता नही किसी बात को लेकर अगर यह गुस्सा भी हो जाते है तो थोडी देर बाद नार्मल  हो जाते है। 


इस नक्षत्र में जन्म जातकों को आध्यात्म की ओर ज्यादा झुकाव होता है और यह जातक आध्यात्म के अंदर इतना घूस जाते है कि वह फिर आध्यात्म से बाहर आना ही नही चाहते है। आध्यात्म को अपनाने के बाद यह लोग अपने में बहुत बड़ा बदलाव भी लाते है । इनके जीवन में शायद यह बहुत बड़ा परिवर्तन होता है जो पहले कभी इन्होने नही देखा होगा। 

तो उम्मीद है की अब आपको कृतिका नक्षत्र के बारें में काफी हद जानकारी हो गयी होगी।
आज हमने कृतिका नक्षत्र के बारे में बताया है अन्य नक्षत्रों के संबंध में जानकारी आपको आगे के ब्लॉग में पढ़ने को मिलेगी।


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(Updated Date & Time :- 2020-04-03 11:19:22 )


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