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RO का पानी स्वास्थ्य के लिए क्यों है हानिकारक

RO का पानी स्वास्थ्य के लिए क्यों है हानिकारक

“जल ही जीवन है”

जल कि हमारे जीवन के लिए अत्यंत उपयोगिता है। कोई भी मनुष्य बिना खाये कुछ दिनो तक जीवित रह सकता है परंतु बिना जल के जीवन असंभव सा लगता है। आज के समय मे जहां शहरीकरण का दौर चल रहा है। इसमे हम आधुनिकता और सरलता के आदि होते जा रहे है। आज के समय मे घर हो या दफ्तर, स्कूल हो या सरकारी संस्थान हर जगह RO का पानी ही पीने के उपयोग मे लाया जा रहा है। अब जहां ROका पानी हमे दूषित जलको शरीर मे प्रवेश से बचाता है वहीं जल मे उपस्थित पोषक तत्वो का भी नाश कर देता है। यूनाइटेड नेशन के अंतर्गत कार्यरत वर्ल्ड हैल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार दूषितजल का सेवन स्वास्थ्यके लिए उतना नुकसान देय नही है जितना की ROके पानी का सेवन।  

हमारा शरीर पंच तत्वो के मेल से बना है। जो कि जल, अग्नि, वायु, पृथ्वी और आकाश का मिलन है। जिसमे जल को विशेष तत्व माना गया है। क्योंकि जहां तक बात की जाए सम्पूर्ण पृथ्वी का 71% भाग जल से बना है। हमारे शरीर मे भी जल की मात्र करीब 60% तक होती है। जिसमे मस्तिस्क मे यह मात्रा 85% तक होती है। तो ऐसी स्थिति मे ये कहा जा सकता है कि जल की हमारे जीवन मे कितनी महत्ता है। अब ऐसे मे साफ जल या यूँ कहे की पोषक तत्वो से युक्त जल का सेवन ही हमारे शरीर को सुचारु रूप से चलाने मे लिए कारगर साबित हो सकता है।

RO कैसे काम करता है

ROका मतलब होता है रिजर्व ओसमोसिसयह पानी को अत्यधिक महीन झिल्ली के माध्यम से फिल्टर करने कि प्रक्रिया है। इसके साथ ही यह TDS प्रक्रिया पर काम करता है (टोटल डिसौल्व सॉलिड) जिसके द्वारा जल मे उपस्थित हानिकारक बैकटेरिया के साथ पोषक पदार्थो काभी नाश कर देता है। जिससे जल मात्र प्यास बुझाने लायक रह जाता है।इस जल के सेवन से कोई भी पोषक तत्व शरीर को प्राप्त नही होते। 

RO के पानी के नुक्सान

जल मे घुलित अवस्था मेकैल्शियम, क्लोराइड आयन, नाइट्रेट,सल्फर और लौह तत्व उपस्थित होते है। जिसमे से कुछ शरीर के विकास और मजबूती के लिए आवश्यक है। इन तत्वो कि जल मे अनुपस्थिति से विभिन्न प्रकार के रोग हो जाते है।

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हृदय रोग

वैज्ञानिको और डॉक्टर्स का कहना है किROका पानी पीने से हृदय कि गति सुचारु रूप से नही चलती और हृदय आघात जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए अगर आप पीते है ROका पानी तो हो जाइए सावधान ।

जोड़ो मे दर्द

जल मे घुलित बहुत से पोषक तत्व कि कमी से जोड़ो मे दर्द की समस्या उत्पन्न होती है। जो की कभी-कभी गठिया जैसे रोग का कारण बनती है।

थकान और आलस्य

जल मे बहुत से एंटीऔक्सीडेंट्स होते है जो कि शरीर मे जोश और ऊर्जा का संचार करते है जिनकी कमी से शरीर आलस्य से घिर जाता है। थकान और आलस्य मनुस्य को घेरे रहती है। एंटीऔक्सीडेंट्स का असर मुख्य रूप से मस्तिष्क को क्रियाशील बनाए रखता है। इसकी कमी से मस्तिष्क की क्रियाविधि पर भी असर देखने को मिलता है।

विकल्प क्या है

आज के समय मे पर्यावरण मे व्याप्त प्रदूषण के कारण जल के अत्यधिक दूषित होने की समस्या के समाधान हेतु ROके विकल्प के रूप मे पानी को उबाल कर और छान कर पीना ज्यादा लाभदायक है।  


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(Updated Date & Time :- 2020-02-18 16:34:36 )


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