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रतन टाटा

रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 में गुरु की दशा में हुआ जो 1937 से शुरू होकर 1952 तक चली और गुरु इनकी कुंडली में दूसरे भाव में अशुभ होकर बैठे हैं। जिस कारण इनके जन्म के समय इन्हें खांसी,सांस या एलर्जी कि दिक्कत रही होगी। इनकी कुंडली में सूर्य बुध शुक्र की युति लग्न में बन रही है जिस कारण इनका स्वभाव थोड़ा चिड़-चिड़ा रहा होगा। शनि के चौथे भाव में होने के कारण इनके घर में जब भी मरम्मत या तोड़-फोड़ करवायेंगे तो इनकी माता जी को सेहत से सम्बंधित और इनके घर में आर्थिक समस्या आएगी।

ओम प्रकाश जिंदल

ओम प्रकाश जिंदल, जिंदल उद्योग समूह के संस्थापक है, उन्हें बचपन से ही मशीनों में रुचि थी। उन्होंने कटे और बेकार फेंक दिए गए पाइपों का व्यापार शुरू किया। वह इस तरह के पाइप, असम के बाजारों से नीलामी में खरीदते थे और उन्हें कलकत्ता में बेचते थे। कोलकाता के पास में लिलुआ नामक स्थान में पाइप बेंड और सॉकेट बनाने की एक फैक्टरी लगाई। 

आनंद महिन्द्रा

बिजनेस मैन आनंद महिन्द्रा जिन्हे भारत का बिलगेट्स भी कहा जाता है।  आनंद महिन्द्रा का जन्म मुम्बई 1955 में हुआ। इनका जन्म केतु की महादशा में हुआ जो कि अंतिम चरण था जिसकी वजह से जन्म के बाद कुछ माह तक शरीरिक तकलीफे रही । शुक्र 1955-1975 शुक्र की इस 20 साल की महादशा इनके लिए हर तरह से उत्तम थी। 

आकाश अंबानी

आकाश अंबानी का जन्म विश्व के सबसे अमीर परिवार मे गिने जाने वाले परिवार मे 1991 को मुंबई मे हुआ ! खासबात तो यह है कि उनकी लगन कुंडली मे ही उच्च के गुरु के योग ने उनको बचपन से ही सुख समृद्धि का सुख प्रदान किया !

रॉबर्ट वाड्रा

कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा उस समय सुर्खियों में आए, जब उन पर सरकारी नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाने के आरोप लगे। लोक सभा चुनावों के दौरान रॉबर्ट वाड्रा पर लगे हुए आरोप कांग्रेस के लिए गले का फांस बन गए थे। सोनिया – राजीव गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा इन दिनों अपना कारोबार समेटने में लगे हुए हैं, जो उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार के दौरान फैलाया था।

विजय माल्या

विजय माल्या का जन्म 18 दिसंबर 1955 में हिन्दू समाज में एक समृद परिवार श्री विट्ठल माल्या के घर में हुआ था। उनके पिता विट्ठल माल्या यूबी समूह के अध्यक्ष थे।

मुकेश अंबानी

मुकेश अंबानी का जन्म अप्रैल 1957 में केतू के महादशा में हुआ था l इस समय इनकी कुंडली में केतू का दुशमन ग्रहों के साथ नीच का फल दे रहा है, लेकिन इस ग्रहयोग के कारण ही साथ में धन भाव के चंद्रमा की वजह से इनका जन्म मातृभूमि मे नहीं बल्कि अन्य मुल्क मे हुआ था l 

नोरा फतेही

नोरा फतेही का जन्म 06 फरवरी 1992 में राहू की महादशा के अंतर्गत कनाडा में हुआ। यह दशा इनकी जन्म कुंडली के अनुसार इनके जीवन में एक साल तक ही रही । 23 दिसम्बर 1992 से गुरु की महादशा का आगमन हुआ। गुरु इनकी जन्म कुंडली में  भाव में स्थित है जहां से लाभ का स्थान देखा गया है। 

 

 

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