Astroscience

देव आनन्द

देव आनन्द जी का पूरा नाम धर्मदेव आनंद, था और वह देव आनन्द के नाम से प्रसिद्ध थे, अपने जमाने के सदाबहार अभिनेता, निर्माता और निर्देशक देव आनन्द अपने समय में हमेशा चर्चा में रहे है। उनके पिता किशोरीमल आनंद पेशे से वकील थे। उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज लाहौर से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। 


Celebrity Horoscope देव आनन्द Kundli
  • नाम:- देव आनन्द
  • जन्म की तारीख:- 26-09-1923
  • जन्म का समय:- 09:30
  • जन्म का स्थान:- Gurdaspur, Punjab
  • सूचना स्रोत:- Internet
Celebrity Horoscope देव आनन्द Kundli

देव आनन्दका राशिफल :-


देव आनंद के भाई, चेतन आनंद और विजय आनंद भी भारतीय सिनेमा में सफल निर्देशक थे। उनकी बहन शील कांता कपूर प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक शेखर कपूर की माँ है। देव आनन्द जी की फिल्म का एक गीत 'मैं जिन्दगी का साथ निभाता चला गया' उनके जीवन के इस पहलू को दर्शाता है। देव आंनद का फिल्मी सफर 1946 में अपने मित्र गुरुदत्त के साथ 'हम एक है' फिल्म से शुरू हुआ। उन्होंने अब तक सौ से अधिक फिल्मों में अभिनय, तीस फिल्मों का निर्देशन, बीस फिल्मों का निर्माण और दस फिल्मों की कहानी लिखी है।


देव आनन्द का जन्म 26 सितम्बर 1923 में बुध की महादशा में गुरदासपुर में हुआ। यह महादशा इनके जीवन में 1934 तक रही, इनकी जन्म कुंडली में शिक्षा के ज्यादा अच्छे योग नहीं है। बुध बारहवें भाव में व्यक्ति के बनते हुए काम को बिगाड़ता है। लेकिन इनकी जन्म कुंडली में सूर्य बारहवें स्थान में शनि के साथ बैठकर इनके पिता पक्ष को खराब करने के योग बनाता है। जिसके कारण इनकी शिक्षा बीच में ही रुक गई।  

 

17 जून 1934 में केतु की महादशा में इनकी पढ़ाई रुकने के योग बने केतु इनकी जन्म कुंडली में पंचम भाव में बैठकर जातक की सोच को और उसके काम को खराब करने का काम करता है। इसके अंतराल में शुक की महादशा जैसे ही 17 जून 1941 में लगी और वहां से इनके काम का जरिया बनना शुरू हो गया। शुक्र इनकी जन्म कुंडली में बारहवें भाव में बैठकर उच्च का फल दे रहा है। इस दशा के अंतर्गत देवानंद जी ने सेना की तरफ अपना रुझान किया लेकिन इनके घर की आर्थिक स्थिति ज्यादा ठीक न होने पर इन्होने एक साल तक वह काम करने के बाद छोड दिया और फिर इनका रुझान कला क्षेत्र की तरफ हुआ और इनके कैरियर की शुरुआत 1946 में हुई इसके बाद इनके जीवन में एक के बाद एक तरक्की के योग बने ।

 

अतः इसी महादशा के अंतर्गत इनके विवाह के योग 1954 में बने और इनका विवाह कल्पना कार्तिक से हुआ। 30 जून 1956 में इनके पुत्र संतान होने के योग और एक कन्या संतान के भी योग बने। यह दशा इनके जीवन में 20 साल तक रही ।

 

सूर्य की महादशा जन्म कुंडली के अनुसार 17 जून 1961 में लगी। इस महादशा के अंतर्गत इनके जीवन में काम के क्षेत्र में कई प्रकार की खरबियों के हालात देखे गए और मानसिक तनाव, सेहत की खराबी, के भी योग बने।  सूर्य इनकी जन्म कुंडली में बारहवें भाव में शनि के साथ बैठ कर अपना फल खराब कर देता है और जीवन साथी की सेहत और खुद काम के हालत में कमी करता है। इसके बाद इनकी जन्म कुंडली के आधार पर चन्द्र की महादशा लगी चन्द्र इनकी जन्म कुंडली में छठें भाव  में स्थित है जो की इनको काम के लिए बहुत अच्छा और कमाई के जरिये बनाता है और आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाता है, साथ ही साथ मंगल और राहू की स्थिति समान रही । फिल्मी जगत में इन्होने अपना नाम कमाया और अपना नाम कामया साथ ही गुरु की महादशा में 3 दिसम्बर 2011 को 88 वर्ष की उम्र में इनका निधन हो गया ।

 

Like & Follow

हमारे विशेषज्ञों से बात करें

अच्छे परिणाम, सही संचार और दशकों का अभ्यास अब आपको सिर्फ एक ही मंच पर यहाँ मिलता है l आप कॉल करके हमारे विशेषज्ञों से अपने लिए अच्छे उपाय प्राप्त कर सकते है। आपकी हर समस्या का समाधान और उसके उपाय आप अब आसानी से प्राप्त कर सकते है।

Astroscience