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हेमा मालिनी

हेमा-मालिनी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की एक बेहतरीन अदाकारा हैं। वर्तमान में हेमा मालिनी मथुरा (उत्तर प्रदेश) से भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा सांसद हैं। प्रसिद्ध अभिनेत्री और नृत्यांगना हेमा मालिनी बालीवुड की उन गिनी, चुनी अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिनमें सौंदर्य और अभिनय का अनूठा संगम देखने को मिलता है। लगभग चार दशक के कैरियर में उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। 


Celebrity Horoscope हेमा मालिनी Kundli
  • नाम:- हेमा मालिनी
  • जन्म की तारीख:- 16-10-1948
  • जन्म का समय:- 00:30
  • जन्म का स्थान:- Ammankudi
  • सूचना स्रोत:- Internet
Celebrity Horoscope हेमा मालिनी Kundli

हेमा मालिनीका राशिफल :-


हेमा मालिनी को फिल्मों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 1999 में फिल्मफेयर के लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान से भी सम्मानित किया गया। हेमा मालिनी  का जन्म 16 अक्टूबर 1948 में अम्मनकुडी तमिलनाडु में मंगल की महादशा में हुआ । मंगल इनकी जन्म कुंडली में पंचम भाव में स्थित है। मंगल यहा बैठ कर इंसान को बहुत मेहनती बनाता है। मंगल की महादशा इनकी जन्म कुंडली में 5 साल तक रही।

 

राहु की महादशा 14 मई 1953  में लगी, राहु दसवें भाव में स्थित है ऐसे में इनकी पढ़ाई लिखाई के ज्यादा अच्छे योग नहीं रहे और इनका शुरुआत से ही कला के क्षेत्र में झुकाव रहा। इस दौरान काफी संघर्ष करने के बाद इनको कला के क्षेत्र में सफलताएं मिली। राहु की महादशा में कई बार ये कई विवादो से जुड़ी, लेकिन 1962 इनके लिए अपने कला के क्षेत्र में तरक्की करने के योग बने।

 

16 मई 1971 के अंतराल में गुरु की महादशा चली इस महादशा के अंतर्गत इनके जीवन में कई तरह के उतार चढ़ाव आए लेकिन गुरु छठें भाव में बैठकर  इनको अच्छे योग देता है, लेकिन यह योग इनको सेहत से संबन्धित परेशनीयां भी देता है। गुरु की महादशा इनके जीवन में 16 साल तक रही और इनको कला के क्षेत्र में आगे बढ़ाया और गुरु की महादशा में ही इनका विवाह कला क्षेत्र के प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र से 21 अगस्त 1979 में  हुआ। शुक्र दूसरे भाव में बैठकर जीवन साथी का पूरा सुख देता है और तरक्की में सहायक बनता है। इसी दशा के अंतर्गत 2 नवम्बर 1981 में इनको कन्या संतान की प्राप्ति हुई।

 

16 मई 1984 में केतु की महादशा का आगमन इनके जीवन में हुआ। केतु इनकी जन्म कुंडली में चतुर्थ भाव में बैठकर चन्द्र को ग्रहण लगा देता है ।इससे जातक का मन बहुत अशांत रहता है और कही न कही स्वास्थ्य से संबन्धित परेशनीया भी देता है। अतः केतु की महादशा में इनकी दूसरी बेटी का जन्म 28 जुलाई 1985 में हुआ। बुध इनकी जन्म कुंडली में चौथे भाव में बैठकर बेटियों का सुख देता है और ऐसे जातक की बेटियाँ राज करती है।

 

16 मई 1991 में शुक्र की महादशा लगी शुक्र इनकी जन्म कुंडली में दूसरे भाव अर्थात धन भाव में स्थित है।  यह महादशा 20 साल के लिए इनके जीवन में रही। दूसरे भाव के शुक्र ने इनका रुझान राजनीति की तरफ किया । दूसरे भाव का शुक्र भड़काऊ भाषण देने पर इंसान को अच्छा फल होता है। इस महादशा के दौरान 2003 में इनके राजनीति में आगे कदम बढ़ने के योग बने और सफलता भी मिली।

 

16 मई 2011 में  सूर्य की महादशा लगी सूर्य इनकी जन्म कुंडली में तृतीय भाव में यानि मेहनत के स्थान में स्थित है। यहा से यदि जातक पसीने निकलने वाली मेहनत करे तो राजा जैसा जीवन देता है इस दशा के अंतर्गत इनके मान-सम्मान को और बढ़ाया जिससे की ये अपने कार्य क्षेत्र में आगे बढ़े। यह महादशा इनकी जन्म कुंडली के आधार पर 2017 तक इनके जीवन में रही।

 

16 जून 2017 में चन्द्र की महादशा लगी जो की इनकी जन्म कुंडली के नवमें भाव में बैठे है, जहां से भाग्य का स्थान देखा जाता है। इस महादशा के अंतर्गत इनको रुपये पैसे मन की शांति और काम के क्षेत्र में भाग्य का बहुत बड़ा सहयोग मिलता है।  इस महादशा में इनको अपने कार्य के क्षेत्र में प्रसिद्धि और आगे बढ़ने में सहायता मिलती है । अतः चल रही महादशा 2027 तक रहेगी।

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