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नरेन्द्र मोदी

देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का पूरा नाम नरेन्द्र दामोदरदास मोदी है, इनका जन्म महेसाना जिला स्थित वडनगर ग्राम में हीराबेन मोदी और दामोदरदास मूलचन्द मोदी के एक मध्यम-वर्गीय परिवार में 17 सितम्बर 1950 में हुआ था। वे भारत के प्रधानमन्त्री पद पर आसीन होने वाले स्वतंत्र भारत में जन्मे प्रथम व्यक्ति हैं। 


Celebrity Horoscope नरेन्द्र मोदी Kundli
  • नाम:- नरेन्द्र मोदी
  • जन्म की तारीख:- 17-09-1950
  • जन्म का समय:- 11:00
  • जन्म का स्थान:- महेसाना, गुजरात
  • सूचना स्रोत:- इंटरनेट से
Celebrity Horoscope नरेन्द्र मोदी Kundli

नरेन्द्र मोदी का राशिफल

सन् 1985 - 2005 तक उनके जीवन में शुक्र की महादशा रही जिससे उनके जीवन में यश की प्राप्ति हुई और साथ ही सन् 2001 में गुजरात का मुख्य मंत्री भी बनवाया। जोकि शनि शुक्र के योग में उनको ये पद प्राप्त हुआ तथा इसी के चलते कठिनाइयाँ भी उनके जीवन में आई और सन् 2002 में उनको कार सैनिकों की मौत का आरोप भी लगाया गया क्योकि बुध, सूर्य, केतु का मेल ग्यारवे घर का और राहु की दृष्टि के कारण उनको सरकारी मामलों में तथा मान सम्मान की कमी व बदनामी का सामना करना पड़ा परंतु श्री नरेंद्र मोदी की कुंडली के अनुसार वह ऐसे बिलकुल भी नही थे। यह योग था जो उनको कष्ट पहुचने के लिए आया था।

इससे पहले वे 7 अक्टूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वडनगर के एक गुजराती परिवार में पैदा हुए, मोदी ने अपने बचपन में चाय बेचने में अपने पिता की मदद की, और बाद में अपना खुद का स्टाल चलाया। आठ साल की उम्र में वे आरएसएस से जुड़े, जिसके साथ एक लंबे समय तक सम्बंधित रहे। स्नातक होने के बाद उन्होंने अपने घर छोड़ दिया।

श्री नरेन्द्र मोदी की जन्म कुंडली के अनुसार उनका जन्म शनि की महादशा में हुआ था जोकि सन् 1961 तक उनके जीवन को प्रभावित करती रही। इस शनि की महादशा ने उनको तेज दिमाग, चतुर, चालाक व अपने काम के प्रति अति निपुणता प्रदान की, परंतु शनि के साथ शुक्र के मेल ने उनकी किस्मत को चार चाँद लगा दिए क्योकि दसवें घर में बैठा शनि शुक्र का मेल इन्सान को एक अच्छी सोच का मालिक बनाता है और साथ ही साथ दुनिया में अपना नाम प्रसिद्ध करता है। 

श्री नरेन्द्र मोदी की जन्म कुंडली के पहले घर में बैठे चंद्र मंगल के योग ने इनको देश के प्रति अपना प्रेम व्यक्त करवाया और मेहनती बनाया तथा इसी शनि की महादशा और राहु की युति जोकि पाँचवे घर की है जिसकी वजह से पिता को अति कष्टों का सामना करवाया साथ ही श्री नरेन्द्र मोदी को अपने पिता की चाय की दुकान पर काम भी करवाया।  

श्री नरेन्द्र मोदी को बिल्कुल भी ज्ञात नहीं था की आने वाली बुध की दशा सन् 1961-1978 तक उनके जीवन में क्या मोड़ लेकर आएगी। 17 साल की आयु में उनका विवाह सम्पन्न हुआ क्योकि उनकी  जन्म कुंडली के अनुसार अनेक योग जैसे बुध की महादशा व शुक्र की अंतर्दशा सन् 1965 से 1968 तक रही परंतु उनका विवाह जन्म कुंडली के अनुसार 28 वर्ष की उम्र के बाद ही सुखमय होता तथा वो ही हुआ की उनका विवाह सुखमय नहीं रहा। वह कुछ माह ही अपने वैवाहिक जीवन का सुख भोग पाये थे कि उन्होंने देश के प्रति अपनी जागरूकता को प्रस्तुत करने का फैसला किया और अपना घर त्याग दिया। 

सन् 1985 - 2005  तक उनके जीवन में शुक्र की महादशा रही जिसने उनके जीवन में यश की प्राप्ति करवाई और साथ ही सन् 2001 में गुजरात का मुख्य मंत्री भी बनवाया।  जोकि शनि शुक्र के योग में उनको यह पद प्राप्त हुआ तथा इसी के चलते कठनाईयाँ भी उनके जीवन ने आई और सन् 2002 में उनको कार सैनिकों की मौत का आरोप भी लगाया गया । बुध, सूर्य, केतु का मेल ग्यारहवें घर का और राहु की दृष्टि के कारण उनको सरकारी मामलों में तथा मान-सम्मान की कमी व बदनामी का सामना करवाया परंतु श्री नरेंद्र मोदी की कुंडली के अनुसार वह ऐसे बिल्कुल भी नही थे।

इस वर्ष 2019 भारतीय राजनीति का कारक ग्रह शनि और आश्चर्य के कारक ग्रह केतु के योग ने नरेंद्र मोदी जी की जन्म कुंडली मे रोजयोग निर्मित किया है और वे इस राजयोग के दौरान यानि की 30 मई के दिन गुरुवार शाम 7 बजे विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की शपथ ली ।  वृश्चिक लग्न की कुंडली में गुरु पंचमेश है और उस पर सातवें भाव से दशमेश सूर्य और अष्टमेश बुध की दृष्टि से अच्छे फल मिलने की पूर्ण संभावना बनी हुई है।

 

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