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नीता अंबानी

आज हम नीता अंबानी की कुंडली का विश्लेषण करने जा रहे है। नीता अंबानी का जन्म केतु की महादशा मे 1963 को मुंबई के एक सामान्य परिवार में हुआ । नीता अंबानी जी की जन्म कुंडली मे धनभाव मे बैठे शनि के कारण शुरुआत मे उनका जीवन माध्यम वर्गीय रहा।


Celebrity Horoscope नीता अंबानी Kundli
  • नाम:- नीता अंबानी
  • जन्म की तारीख:- 01-11-1963
  • जन्म का समय:- 12:00
  • जन्म का स्थान:- Mumbai
  • सूचना स्रोत:- Internet
Celebrity Horoscope नीता अंबानी Kundli

नीता अंबानीका राशिफल :-

नीता जी की जन्म कुंडली मे जैसे ही सूर्य की महादशा का आगमन हुआ और इसी सूर्य के समय ने उनको गृहस्थी का सुख प्रदान किया। नीता जी की जन्म कुंडली म बैठे उच्च भाव के शुक्र के कारण उनका भाग्य उदय हुआ । विवाह के बाद उनको काफी ऊंचाइओ का सुख प्राप्त हुआ। नीता जी की जन्म कुंडली मे मई 1991 से 2001 तक चंद्रमा की महादशा का समय शुरू हुआ। इसी चंद्रमा का नीता जी की जन्म कुण्डली मे संतान भाव मे होने के कारण संतान सुख की प्राप्ति हुई । नीता जी की जन्म कुंडली मे केतु और बुध की अच्छी स्थिति होने के कारण पुत्र और पुत्री दोनों के अच्छे सुख प्राप्त होने के योग बने । पंचम भाव मे बैठे चंद्रमा का माता पर अनुकूल मिला। नीता जी की जन्म कुंडली मे स्वराशी मे उच्च भाव मे बैठे गुरु के कारण नीता जी की रुचि शिक्षा के क्षेत्र मे अधिक बनी। जैसे ही नीता जी की जन्म कुंडली मे राहू की महादशा का समय आया उनको कई प्रकार की परेशानियों के योग बने। इसी महादशा के आगमन से उनको अपने पिता के सुखो का सामना करना पड़ा। नीता जी की जन्म कुंडली मे राहू का सप्तम भाव मे होने के कारण उनके अशुभ राहू ने उनके जीवनसाथी को आर्थिक परेशानी का योग बनया। नीता जी की जन्म कुंडली में राहू 2026 तक उनको प्रभावित करेगा। राहू मे केतू की अंतर्दश 2018 से दिसम्बर 2019 तक चलेगी। यह समय उनके संतान से संबन्धित मानसिक परेशानी भरा बना रहेगा। राहू 18 साल की काफी लंबी महादशा लेकर चलता है तो यह समय उनके लिया काफी उतार चढ़ाव भरा व्यतीत होने के योग बने हुये है। इन सभी खराब योग को ठीक करने के लिए यदि कुछ उपाय कर लिए जाए तो आने वाला समय और भी सुख से व्यतीत होने के योग बनेगे। शुभ रत्न – माणिक्य शुभ दिन – रविवार शुभ अंक - 4,1


लेकिन नीता जी की जन्म कुंडली मे बैठे उच्च के शुक्र के होने के कारण नीता जी को कला के क्षेत्र मे काफी अच्छी रुचि के योग बनाए । काफी कम उम्र मे ही नीता जी की जन्म कुंडली शुक्र की महादशा का का समय चल गया जोकि उनको 19 साल तक प्रभावित करता रहा। नीता जी की जन्म कुंडली मे मंगल शुक्र के योग ने उनको कला को ही अपने कार्य बनाने की उत्सुकता प्रदान की । नीता जी की जन्म कुंडली मे सूर्य बुध की अच्छी स्थिति होने के कारण एक अच्छी बुद्धी और एक अच्छे व्यक्तित्व का मालिक बनाया। इसी शुक्र की महादशा मे नीता जी के वैवाहिक सुख प्राप्त हुए। नीता जी के जन्म कुंडली मे 1985 मे सूर्य की महादशा का आगमन हुआ जोकि उनको सात साल तक प्रभावित करती रही । नीता जी की जन्म कुंडली मे बने सूर्य बुध के योग ने उनको राजयोग प्रदान किया। नीता जी की जन्म कुंडली मे उच्च भाव मे बैठे गुरु के कारण उनका भाग्य उदय हुआ ।

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