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सुशांत सिंह राजपूत

जिन अभिनेता के बारे मे आज हम आपको बताने वाले है वो किसी परिचय के मोहताज नहीं है सुशांत सिंह राजपूत जो आज हर सुर्खी मे छाए है लेकिन बड़े ही दुख के साथ यह बोलना पड़ रहा है की अपनी उम्र के बहुत ही छोटे समय मे उन्होने अपनी जिंदगी को अलविदा कह दिया। आज हम उन्ही की कुंडली का विश्लेषण करने वाले है और ज्योतिष के कुछ ऐसे तथ्य सामने लाने वाले है जिस से उनके इस छोटे जीवन काल पर पूरा प्रकाश डाला जा सकता है । सुशांत सिंह राजपूत का जन्म जनवरी 1986 मे चंद्रमा की महादशा मे पटना बिहार मे हुआ। उनके पिता जी सरकारी अधिकारी थे । उनकी जनमकुंडली मे स्वराशि मे बैठे चंद्रमा ने उनको अच्छी पढ़ाई के सुख प्रदान किए साथ ही दूसरी जगह जाकर अपनी पढ़ाई पूरी की। उनकी जनम कुंडली मे भाग्य स्थान मे बैठे गुरु ने उनको शिक्षा और उच्च कोटी के भाग्य का मालिक बनाया । गुरु की अच्छी  स्थिति के कारण उनको माता पिता दोनों का अच्छा सुख प्राप्त हुआ साथ ही मजबूत बुध से उनको अपनी बहनो का पूरा साथ मिला। भाग्यस्थान मे विराजमान सूर्य शुक्र के मेल के ने उनको आकर्षक छवि प्रदान की साथ ही कला के क्षेत्र मे रुचि बनाई । अगस्त 1992 मे सुशांत जी की जनमकुंडली मे मंगल की महादशा का आगमन हुआ जोकि उनको सात साल तक प्रभावित करती रही। जनमकुंडली मे मंगल कर्मस्थान मे विराजमान होने के कारण कार्य के प्रति उनको विशेष मनोबल प्राप्त हुआ और क्यूंकी शुक्र मजबूत होने के कारण कला के क्षेत्र मे उनको विशेष रुचि रही । 2008 मे राहू की महादशा मे सुशांत ने अपने कार्य की शुरुआत की पहले उनको काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा लेकिन। राहू मे गुरु के आगमन के बाद उनको सफलता और प्रसिद्धि प्राप्त हुई । और फिर उसके बाद उन्होने पीछे मुड़कर नहीं देखा । भाग्य स्थान मे विराजित शुक्र ने कला के क्षेत्र मे उनको काफी उन्नति प्रदान की और प्रेम प्रसंग भी बनाए इस शुक्र ने उनको आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान किया। केतू की अंतर्दशा ने उनको नेम फेम और नई उचाईयो के सुख प्रदान किए । 2017 मे गुरु की महादशा का आगमन हुआ। 


Celebrity Horoscope सुशांत सिंह राजपूत  Kundli
  • नाम:- सुशांत सिंह राजपूत
  • जन्म की तारीख:- 21-01-1986
  • जन्म का समय:- 12:00
  • जन्म का स्थान:- Patna, India
  • सूचना स्रोत:- from Internet
Celebrity Horoscope सुशांत सिंह राजपूत  Kundli

सुशांत सिंह राजपूत का राशिफल :-


यह समय उनके लिए काफी चुनौती वाला रहा मंगल केतू के योग के कारण खराब संगति की वजह से उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासतौर से स्त्री पक्ष से उनको ज्यादा धोखे भी मिले। 2019 अक्तूबर मे गुरु मे शनि मे अंतर समय आया यह समय उनको नशे और गलत संगति की तरफ ले गया। छठे भाव मे विराजमान शनि ने उनको स्वस्थ्य से संबन्धित परेशानी दी। शनि मे बुध का जब अंतर समय आया उनको मानसिक तनाव बहुत ज्यादा आया और यही समय उनकी मृतु का कारण भी बना लेकिन लाल किताब के विश्लेषण से यह बात साफ हो जाती है की सुशांत  को मानसिक परेशानी तो थी लेकिन  वह स्वम अपने आप को नुकसान नहीं पहुचा सकते।

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