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Aries

(सूर्यराशि) तिथि सीमा :-
21 मार्च से 19 अप्रैल तक
राशि का स्वामी :-
मंगल
आकृति/ चिन्ह :-
मेष अथवा भेड़
शुभ दिन :-
मंगलवार और रविवार
शुभ रंग :-
श्वेत और रक्तवर्णी लाल
शुभ अंक :-
1,9
शुभ रत्न :-
मूंगा
संगत राशियाँ :-
मेष धनु और सिंह

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मेष राशि के जातक:-

मेष राशि वाले जातको का स्वामी ग्रह मंगल होने के कारण इनमे पावक की भांति तेज़ होता है । स्वभाव मे चंचलता हि इनकी पहचान है। कभी-कभी इनका अति उत्साही स्वभाव कार्य मे बाधा भी उत्पन्न करता है या कार्य पूर्णतः बिगाड़ के रख देता है। परंतु विध्वंश से सृजन कि प्रक्रिया इन्हे भली-भांतिमालूम होती है । सत्तारूढ़ मंगल अपना असर समय-समय पर दिखाता रहता है। जिससे कि इस राशि के जातको को गुस्सा बहुत जल्दी आता है। परंतु क्षण भर मे आकार हवा हो जाता है। गुण कि बात कि जाये तो साहस और निर्भीकता इनके स्वभाव का मुख्य लक्षण है। ये बहुत मेहनती और स्वाभिमानी होते है। इनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाना दूसरों के लिए भयावह सिद्ध हो सकता है। इनकी अत्यधिक चंचलता किसी जगह पर टिक कर कार्य करने मे बाधा उत्पन्न करती है।


प्रतीक क्या निर्धारिक करते है:-

मेष राशि वाले जातको का प्रतीक/ चिन्ह मेष अथवा भेड़ है जो कि कर्तव्यपरायणता का प्रतीक है। इस राशियो के जातको मे नेतृत्व करने कि जबरदस्त क्षमता होती है। ये दूसरों को अपनी बात मनवाने के लिए बाध्य करते है। जिसके कारण कुछ ही समय मे लोगो का इनसे मोह भंग होने लगता है। अपनी कार्य कुशलता और स्वतंत्र स्वभाव से सबको प्रभावित करने का गुण इनमे पहले से हि उपस्थित होता है । इनमे नेतृत्व करने की अपार क्षमता होती है।


किन चीज़ों की है कमी:-

राशि का स्वामी मंगल होने की वजह से जातक के स्वभाव मे गंभीरता तथा धैर्य धारण करने कि क्षमता नही होती है। क्षण भर मे आक्रोशित होना अत्यंत क्रोध आना इनके स्वभाव का मुख्य लक्षण है । किसी जगह पर लंबे समय तकटिक न पाना ,लगातार नौकरी और पेशा बदलना इनकी आदत मे शुमार है। जो कि कई बार इन्हे गंभीर समस्या मे डाल देता है। पहले पहल करने की आदत की वजह से कई बार इनके निर्णय गलत साबित होते है। दूसरों पर अपनी बात थोपना तथा दूसरों के आदेश को न मानना कई बार इनके लिए मुसीबत का कारण तक बन जाता है। अपने इस स्वभाव कि वजह से ये लोगो को बड़बोले तथा जिद्दी नज़र आते है। पर समझदारी और निर्भीकता के कारण विपरीत परिस्थिति को संभालने का कौशल इनमे होता है।


रंग-रूप और शारीरिक बनावट:-

मेष राशियो के जातको कि शारीरिक बनावट सुडौल होती है। इनका मस्तिष्क अधिक बड़ा होता है तथा चेहरे के किसी भाग पर चोंटके निशान या फिर तिल या मस्सा जरूर होता है। इनकी उँगलियों किअपेक्षा हथेली का आकार बड़ा होता है। तथा पूरे शरीर पर सबसे ज्यादा प्रभाव मस्तिष्क का होता है। नसे उभरी हुई अधिक स्पष्ट होती है। तथा बाल अधिकांशतः भूरे एवं घुंघरैले होते है।


प्रेम संबंध और पारिवारिक जीवन :-

मेष राशि वाले जातको के जीवन मे प्रेम संबंध क्षणिक होता है अर्थात ये जिससे भी प्रेम करते है उसे जीवनसथी के रूप मे पा नही पाते है। इन राशि वालों मे स्वाभिमान भरपूर होता है इसलिए प्रेम मे एक दूसरे के आगे झुकने मे संकोच महसूस करते है। इन जातको का इन्ही कि राशि वाले जातको से अच्छी बनती है। दाम्पत्य जीवन मे आने के बाद प्रेम कि वर्षा होती है परंतु घर मे क्लेश भी उतना हि बना रहता है।

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