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CAPRICORN

(सूर्यराशि) तिथि सीमा :-
22 दिसंबर से 19 जनवरी तक
राशि का स्वामी :-
शनि
आकृति/ चिन्ह :-
मकर/ बकरी
शुभ दिन :-
शुक्रवार और शनिवार
शुभ रंग :-
काला
शुभ अंक :-
1,4
शुभ रत्न :-
संगत राशियाँ :-
वृषभ, कन्या और मकर
Kundli

मकर राशि के जातक :-

मकर राशि वाले जातको का स्वामी शनि होने के कारण ये प्रथमदृष्ट्या आपको आक्रामक नज़र आ सकते है क्योंकि सभी नक्षत्रो मे से शनि को पाप ग्रह माना गया है और ऐसा बताया गया है की शनि की छाया जिस भी घर मे पड़ती है उसका विनाश तय है परंतु ये पूर्णतः सत्य नही है। राशि मे शनि कीउपस्थिति जातक को अत्यधिक परिश्रमी और ईमानदार बनाती है। कार्य कुशलता और नेतृत्व क्षमता इन जातको कि पहचान है। दृढ़ निश्चयी और साहस इनमे भरपूर मिलता है। मकर राशि के जातक मल्टिटास्कर और मल्टिटैलेंटेड होते है। दूसरों के प्रति विनम्रभाव रखते है परंतु इन्हे क्रोध आ जाए तो इसे शांत कर पाना दूसरों के लिए मुश्किल का काम है। इन जातको मे क्रोध और बदले की भावना दूसरों के लिए भयावह साबित हो सकती है।


प्रतीक क्या निर्धारिक करते है:-

मकर राशि का प्रतीक /चिह्न मकर/बकरी है जो की इन जातको के कर्तव्यपरायंता और कार्य कुशलता का संकेत देती है साथ की हिन्दू धर्म मे मकर को एक उभयचर प्राणी माना गया है जो की माँ गंगा की सवारी है।


किन चीज़ों की है कमी:-

राशि का स्वामी शनि इन्हे आक्रामक बनाता है। इनका क्रोध कभी-कभी खुद के लिए ही घातक सिद्ध हो जाता है। इन जातको का क्रोध इनके कई बने बनाए काम बिगाड़ देता है। जिसके कारण कई क्षेत्र मे ये पिछड़ जाते है। ये लोग अपनी बात को मनवाने की हट करते है अत्यंत जिद्दी स्वभाव के होते है। वाद-विवाद मे अपना आपा खो बैठते है। जिससे लोग इन्हे तुनकमिजाज या सनकी समझने लगते है।


रंग-रूप और शारीरिक बनावट:-

मकर राशि वाले जातको का शारीरिक संगठन जरूरत से ज्यादा ही दुबला-पतला होता है। लंबाई भी ज्यादा नही होती है। ये औसत ऊंचाई के होते है। अग्रमस्तिष्क विशाल होने क कारण माथा आगे की ओर निकला हुआ होता है। शरीर पर बाल अधिक होते है। हथेली का आकार उँगलियों की अपेक्षा छोटा होता है। रंग सावला भी हो सकता है परंतु दिखने मे मनमोहक लगते है।


प्रेम संबंध और पारिवारिक जीवन :-

मकर राशि के जातक रिश्तो के प्रति ईमानदारी निभाते है साथ ही प्रेम संबंधो मे पूर्ण समर्पण का भाव रखते है। वैसी ही कामना अपने साथी से भी करते है और यदि इनमे संतुलन नही बैठता तो ये इनके रिश्ते टूटने का कारण तक बन जाता है। प्रेम मे कुछ उदासीन प्रकृति के होते है परंतु काम वासना इनमे गतिशीलता उत्पन्न करती है। मकर राशि के जातको का दाम्पत्य जीवन संघर्षो से भरा होता है परंतु रिश्तो मे वफादारी और प्रेम संतुलन बनाए रखता है।

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