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GEMINI

(सूर्यराशि) तिथि सीमा :-
21 मई से 20 जून तक
राशि का स्वामी :-
बुद्ध
आकृति/ चिन्ह :-
संयुक्त /युगल या जुड़वा
शुभ दिन :-
बुधवार और बृहस्पतिवार
शुभ रंग :-
गुलाबी, पीला और नारंगी
शुभ अंक :-
1,5
शुभ रत्न :-
पन्ना
संगत राशियाँ :-
तुला, सिंह और कुंभ

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मिथुन राशि के जातक :-

मिथुन राशि वाले जातको का स्वामी बुद्ध होने के कारण ये अत्यधिक बुद्धिमान व चतुर होते है। वाक्पटुता और हाजिर जवाबी मे इन्हे महारथ हासिल होती है। ये लोग जिज्ञासु प्रवृति के होते है। इनका जिज्ञासु स्वभाव हर क्षेत्र मे इन्हे प्रवेश के रास्ते खोलता है। कुछ विवेकशील कार्यो मे भी विशेष रुचि रखते है। कलात्मकता और रचनात्मता कि ओर भी उन्मुख रहते है। इनकी हाजिर जवाबी और वाक्पटुता के कारण नेतृत्व करने कि जबरदस्त क्षमता होती है। साथ हि दूसरों कि बातों को नज़रअंदाज़ कर अपनी बातों को मनवाना भी इनके स्वभाव मे शामिल है। मान- सम्मान और समाज मे ख्याति पाने मे तत्पर रहते है। इनके स्वभाव मे दोहरापन देखने को मिलता है जहां एक ओर ये शांत और गंभीर प्रतीत नज़र आते है वहीं दूसरी ओर क्षण भर मे आक्रोशित भी हो जाते है।


प्रतीक क्या निर्धारिक करते है:-

मिथुन राशि का प्रतीक/ चिह्न जुड़वा/ युगल होने के कारण इनके स्वभाव पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। इनके चरित्र मे दोहरापन देखने को मिलता है। ये लोग कभी धैर्य धारण करते है तो कभी अत्यधिक आक्रोशित हो जाते है। राशि का स्वामी बुद्ध इनको चतुर और विद्वान बनाता है। प्रतीक चिह्न जुड़वा अथवा युगल का अर्थ है कि इनमे शीघ्र –अतिशीघ्र मित्र बनाने कि प्रवृति होती है साथ हि इनपर मित्र मंडली का असर भी गंभीर रूप से पड़ता है। बुरी संगति इन्हे निकृष्ट तथा अच्छी संगति इन्हे श्रेष्ठ मार्ग पर पहुंचा सकती है।


किन चीज़ों की है कमी:-

राशि का स्वामी बुद्ध और प्रतीक द्वारा स्वभाव मे दोहरापन कभी-कभी लोगो को समझने मे दुविधा मे डाल देता है। जिससे लोगो को ये दोगले दिखाई पड़ते है। बाह्य आडंबर और दिखावा इन्हे रुचिकर लगता है । साहस कि कमी होती है जिस कारण काम को बीच मे अधूरा छोड़ देते है। स्वभाव मे अत्यधिक चंचलता और हाजिर जवाबी कभी कभी खुद कि आफत का कारण बनती है। अपनी बातों को दूसरों पर थोपना और दूसरों कि बातों को न सुनने कि वजह से लोगो को ये मुडी और सनकी नज़र आते है। विपरीत लिंग कि ओर अत्यधिक आकर्षण स्वयं को विपत्ति मे झोकने के समान है। परंतु अपनी बुद्धिमता से ये किसी भी परिस्थिति से उभरने मे सफल होते है।


रंग-रूप और शारीरिक बनावट:-

मिथुन राशि वाले जातको कि शारीरिक बनावट त्रिकोणी होती है अर्थात पूरे शरीर मे मस्तिष्क अधिक बड़ा और आगे कि ओर निकला होता है जिससे इन लोगो मे सोचने समझने व निर्णय लेने कि अपार क्षमता होती है। ऐसा माना जाता है कि इस राशि कि महिला अपने हाथो के संकेत मात्र से किसी पुरुष को अपनी ओर आकर्षित कर सकती है। बुद्ध को वाणी और बुद्धि का ग्रह माना जाता है इस कारण इन जातको कि वाणी मे बहुत मिठास होती है। इनके चेहरे, कान या पेट पर तिल अथवा मस्सा जरूर होता है।


प्रेम संबंध और पारिवारिक जीवन :-

मिथुन राशि के जातको का मुख्य आकर्षण साहित्य से संबन्धित लोगो पर होता है। ये प्रेम के उपासक होते है और इन्हे एक तरफा प्रेम भी बहुत जल्दी होता है जो कि बाद मे कष्ट देता है। मिथुन राशि के जातक अपने आप को अपने चाहने वाले को पूर्णतः समर्पित कर देते है जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है। तुला राशि वाले जातको के प्रति मुख्य रूप से इनका आकर्षण होता है। दाम्पत्य जीवन मे प्रवेश के बाद भी इनमे एक से अधिक लोगो से प्रेम कि प्रवृति होती है पर इसका आशय ये नही है कि इन्हे अपने जीवन साथी से प्रेम नही है बल्कि मसला तो ये है कि स्वभाव मे दोहरापन हि इस राशि कि सबसे बड़ी विशेषता है।

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