baglamukhi jayanti

बगलामुखी जयंती 2026: जानें तिथि, महत्त्व, पूजा विधि और दिव्य कथा

हर साल वैशाख शुक्ल अष्टमी को हिंदू धर्म में एक खास उत्सव मनाया जाता है – बगलामुखी जयंती। यह वह दिन है जब दस महाविद्याओं में से आठवीं शक्ति, माँ बगलामुखी (जिन्हें पीतांबरा देवी भी कहते हैं) का अवतरण हुआ था। साल 2026 में यह पावन तिथि 24 अप्रैल, शुक्रवार को पड़ रही है। अगर आप भी जीवन में आने वाली बाधाओं, शत्रुओं, वाद-विवाद या नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति चाहते हैं तो यह दिन आपके लिए बेहद खास साबित हो सकता है।

मैंने पिछले कई सालों से इस जयंती को मनाते देखा है। हर बार जब भक्त पीले वस्त्र पहनकर माँ की आराधना करते हैं, तो वातावरण में एक अनोखी शांति और शक्ति का माहौल बन जाता है। आज इस ब्लॉग में हम विस्तार से बात करेंगे – माँ बगलामुखी की महिमा, 2026 की तिथि, पूजा विधि, महत्व, कथा और उन चार सवालों के जवाब जिन्हें हर भक्त पूछता है। कुल मिलाकर लगभग 1200 शब्दों में पूरा लेख तैयार है ताकि आपको हर बात साफ-साफ समझ आए।

माँ बगलामुखी कौन हैं?

माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। “बगला” शब्द का अर्थ है “बगुला” यानी सारस पक्षी, जो एकाग्रचित्त होकर शिकार पर टूट पड़ता है। ठीक उसी तरह माँ अपने भक्तों के शत्रुओं को एक झटके में स्तंभित कर देती हैं। उनकी तस्वीर में वे पीले वस्त्र पहने, एक हाथ में शत्रु की जीभ पकड़े और दूसरे में मुद्गर लिए दिखाई देती हैं। पीला रंग उनकी प्रिय रंग है – यह ज्ञान, समृद्धि और शत्रु-नाश का प्रतीक माना जाता है।

पुराणों के अनुसार वे ब्रह्मास्त्र स्वरूपा हैं। जब देवताओं और ऋषियों पर असुरों का अत्याचार बढ़ जाता है, तब माँ प्रकट होकर शत्रु की वाणी, बुद्धि और कर्म को ठहरा देती हैं। इसलिए इन्हें “स्तंभिनी” भी कहते हैं। आज के समय में जब लोग कोर्ट-कचहरी, प्रतिस्पर्धा, ईर्ष्या या काले जादू जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तब माँ बगलामुखी की उपासना सबसे कारगर साधना मानी जाती है।

2026 में बगलामुखी जयंती कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार 2026 में वैशाख शुक्ल अष्टमी 24 अप्रैल शुक्रवार को है।

  • अष्टमी तिथि शुरू: 23 अप्रैल की रात 8:49 बजे
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 24 अप्रैल शाम 7:21 बजे

इसलिए पूजा का सबसे उत्तम समय 24 अप्रैल की सुबह से दोपहर तक रहेगा। अगर आप घर पर या मंदिर में पूजा कर रहे हैं तो इस तिथि में ही संकल्प लें। कई भक्त रात को भी विशेष हवन करते हैं क्योंकि जयंती की रात्रि को मंत्र जप का फल हजार गुना बढ़ जाता है।

बगलामुखी जयंती का महत्व

इस दिन माँ की पूजा करने से कई तरह के लाभ मिलते हैं:

  • शत्रु-नाश और कानूनी मामलों में विजय
  • वाद-विवाद, मुकदमे या प्रतियोगिता में सफलता
  • वाणी सिद्धि – बोलने की शक्ति बढ़ती है, झूठे आरोप से बचाव होता है
  • काले जादू, बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा
  • व्यापार-नौकरी में अड़चनों का निवारण
  • मानसिक शांति और आत्मविश्वास

मेरे एक परिचित वकील भाई ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले इस जयंती पर माँ को पीले फूल चढ़ाए और एक बड़े मुकदमे में जीत हासिल की। ऐसी अनगिनत कहानियां हैं जो साबित करती हैं कि माँ की कृपा से असंभव भी संभव हो जाता है।

बगलामुखी जयंती की पौराणिक कथा

कथा यह है कि प्राचीन काल में एक महान असुर ने देवताओं को परेशान किया। उसने वरदान प्राप्त कर लिया था कि कोई भी उसकी वाणी को नहीं रोक सकता। देवताओं ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की। तब विष्णु जी ने माँ बगलामुखी को प्रकट होने का आदेश दिया। माँ पीतांबरा ने आकर असुर की जीभ पकड़ ली और उसे स्तंभित कर दिया। इस घटना के बाद देवताओं ने विजय प्राप्त की।

दूसरी कथा में कहा जाता है कि प्रलय काल में समुद्र मंथन के समय जब विषैला धुआं निकला तो माँ ने उसे भी नियंत्रित किया। इन कथाओं से साफ है कि माँ सिर्फ शक्ति नहीं, बल्कि संतुलन और न्याय की देवी हैं।

घर पर पूजा विधि

स्नान और वस्त्र: सुबह स्नान करके पीले कपड़े पहनें।

  • मंदिर सजावट: माँ की तस्वीर या मूर्ति को पूर्व दिशा में रखें। सामने पीला आसन बिछाएं।
  • सामग्री: पीले फूल (गेंदा, चमेली), पीले मिठाई (बेसन के लड्डू), हल्दी, चावल, पान, सुपारी, धूप, दीप, पीला कपड़ा।
  • संकल्प: हाथ में फूल लेकर माँ से अपनी मनोकामना कहें।
  • मंत्र जप: मुख्य मंत्र – ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा कम से कम 108 बार जपें।
  • आरती: “जय जय बगलामुखी...” वाली आरती गाएं।
  • हवन: अगर संभव हो तो पीले द्रव्य (घी, चावल, हल्दी) से हवन करें।

पूजा के बाद प्रसाद बांटें और गरीबों को पीले वस्त्र या भोजन दान करें।

आधुनिक जीवन में बगलामुखी जयंती की प्रासंगिकता

आजकल हम सब तनाव, प्रतिस्पर्धा और नकारात्मक विचारों से घिरे रहते हैं। सोशल मीडिया पर ईर्ष्या, ऑफिस में साजिश – ये सब आम बात हो गई है। माँ बगलामुखी की साधना हमें सिखाती है कि शांति से भी शत्रु को हराया जा सकता है। कई बिजनेसमैन, स्टूडेंट और गृहिणियां इस जयंती पर व्रत रखकर अपनी समस्याओं का समाधान पाती हैं।

मंदिर दर्शन का महत्व

अगर आप जा सकते हैं तो मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर (दतिया) जरूर जाएं। वहां की ऊर्जा अद्भुत है। इसके अलावा दिल्ली, हरिद्वार, उज्जैन और कई जगहों पर छोटे-बड़े मंदिर हैं जहां विशेष पूजा का आयोजन होता है।

एस्ट्रोसाइंस का श्री बगलामुखी यंत्र

अगर आप बगलामुखी जयंती 2026 (24 अप्रैल) को और भी खास बनाना चाहते हैं तो एस्ट्रोसाइंस का मूल श्री बगलामुखी यंत्र जरूर घर लाएं। यह यंत्र पवित्र ज्यामिति और मंत्रों से प्राण-प्रतिष्ठित होता है, जो माँ पीतांबरा की ऊर्जा को सीधे आपके घर या कार्यस्थल तक पहुंचाता है।

एस्ट्रोसाइंस का यह यंत्र शत्रुओं की साजिश, नकारात्मक ऊर्जा, कानूनी झंझटों और प्रतिस्पर्धा को स्तंभित करने में बेहद प्रभावी माना जाता है। इसमें माँ बगलामुखी की केंद्र में स्थापित छवि होती है जो वाणी, बुद्धि और कर्म को नियंत्रित करती है। भक्तों का अनुभव है कि इसे पूजा स्थल पर स्थापित करने से व्यापार में लाभ, मुकदमों में जीत, आत्मविश्वास और शांति मिलती है।

इस जयंती पर यंत्र खरीदना सबसे शुभ होगा क्योंकि अष्टमी तिथि में इसकी शक्ति हजार गुना बढ़ जाती है। एस्ट्रोसाइंस की वेबसाइट पर उपलब्ध यह यंत्र पूरी तरह एनर्जाइज्ड है – बस इसे 24 अप्रैल को स्थापित कर मंत्र जप शुरू करें। जीवन की हर बाधा दूर हो जाएगी।

निष्कर्ष

24 अप्रैल 2026 को माँ बगलामुखी जयंती सिर्फ एक तिथि नहीं, बल्कि नई शुरुआत का अवसर है। जो भक्त सच्चे मन से पूजा करता है, उसे माँ अवश्य आशीर्वाद देती हैं। इस बार आप भी पीले रंग में सजकर, मन में विश्वास लेकर माँ की आराधना कीजिए। जीवन की हर बाधा स्वतः दूर हो जाएगी।

जय माँ बगलामुखी! जय पीतांबरा देवी!

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. बगलामुखी जयंती 2026 कब है और किस तिथि पर पूजा करनी चाहिए?

24 अप्रैल 2026 शुक्रवार को है। अष्टमी तिथि 23 अप्रैल रात 8:49 बजे से शुरू होकर 24 अप्रैल शाम 7:21 बजे तक रहेगी। इसलिए 24 अप्रैल की सुबह पूजा का सबसे अच्छा समय है।

2. घर पर बगलामुखी पूजा की सरल विधि क्या है?

पीले वस्त्र पहनें, माँ की तस्वीर सामने रखें, पीले फूल-मिठाई चढ़ाएं, 108 बार मुख्य मंत्र जपें और आरती करें। हवन करना और दान देना और भी शुभ होता है।

3. इस दिन कौन-कौन से लाभ मिलते हैं?

शत्रु-नाश, मुकदमे में जीत, वाणी सिद्धि, नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा, व्यापार में उन्नति और मानसिक शांति। भक्तों के अनुभव बताते हैं कि एक बार सच्ची पूजा करने पर जीवन बदल जाता है।

4. क्या महिलाएं भी इस जयंती पर व्रत रख सकती हैं?

हां, बिल्कुल। महिलाएं भी पीले वस्त्र पहनकर पूजा कर सकती हैं। सिर्फ स्वास्थ्य का ध्यान रखें। माँ सभी भक्तों पर समान कृपा करती हैं।

Back to blog

Our Recent Blog

lucky signs on palm

Lucky Signs in Palmistry: Symbols of Fortune, Success, and Positive...

Have you ever looked at someone's palm? Seen a strange mark that catches your eye? For a time, people who read palms have studied the lucky signs on the palm...

Read more
how to calculate destiny number

How to Calculate the Destiny Number: A Complete Guide to...

Could your name unlock the secrets of your future? The Destiny Number, or Expression Number, is a captivating area of numerology. The concept of the Destiny Number claims that this...

Read more
Sun Line in palmistry

Sun Line in Palmistry: Meaning Types, Signs, and What It...

For centuries, people have been fascinated by palmistry, which uses the lines of the hand as a unique way to sense...

Read more
Simian Line Palmistry

Simian Line Palmistry: A Complete Guide to This Rare Mark

Palm reading is nowadays considered the most important traditional way of reading about a person's traits,and about his personality. There are...

Read more
marriage line palmistry

Marriage Line Palmistry: Signs of Love, Marriage & Relationship Destiny

People have always been drawn to palmistry because it provides an alternative way of interpreting life through the lines of the hand. The marriage line is one of the most...

Read more
foot reading in palmistry

Foot Palmistry: Complete Guide to Foot Shapes and Meanings

Most people know about palm reading, but few know that the feet can reveal important secrets about a person’s life and...

Read more
head line palmistry

Head Line Palmistry: Types, Signs & Personality Traits

Palmistry explores how the shape and depth of key palm lines reflect mental clarity, practical thinking, problem-solving style, and everyday judgment. Head Line Palmistry is an important part of Read more

life line palmistry

Life line palmistry: Meaning, Signs, and what it Reveals

Ever wondered what the curve near your thumb on the palm indicates?  Well, this line is referred to as "life line" in Read more

fate line in palmistry

Fate Line in Palmistry - Meaning, Signs, and What It...

Palmistry has always fascinated people because it offers a unique way to understand life through the lines of the hand. Among all the major lines, the Fate Line is one...

Read more
mobile number numerology

How to Choose the Right Mobile Number According to Numerology.

In today’s digital age, a mobile number is no longer just a contact detail. It is deeply connected to almost every important area of life, communication, business, online payments, social...

Read more