shani ka shadyantra

शनि का षड़यंत्र: जानिए गुरुदेव जी.डी. वशिष्ठ जी के अनमोल सुझाव

जय माता दी, बहुत कुछ कोशिश कर रहा था मैं बहुत सालों से आप सब जानते ही हैं। ये कोरोना आया और भी बीमारियाँ आईं साथ में। लेकिन एक बात जिसको हम सब ज्योतिषी जानते हैं, कि जिसका वक्त अच्छा चल रहा है उसका कोरोना भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता है और जिसका वक्त बुरा चल रहा है, कोरोना आए या ना आए, उसको कोरोना लगा ही हुआ है; ये बात तो सत्य है। और ठीक है, मैं सिर्फ एक जातक के ऊपर चलता रहा, जातक की कुंडली पर चलता रहा। मैंने ज्यादा जगह पाँव नहीं पसारे, आप सब जानते हैं, मेरे को तो इतना ही बहुत है कि अपने जीवनकाल के अंदर अगर मैं इंसानों के दु:ख को निकालने का काम कर गया, और उसका सलूशन देने का काम कर गया तो मैं अपना जीवन धन्य समझूँगा। सिर्फ इतनी चीज पर मैं काम करता हूँ और बीमारियों की बात आए तो शनि राहु केतु भी आते हैं। किसी का वाकई बहुत कुछ बिगड़ना हो तो बृहस्पति की बात आती है।

 

लेकिन मैं बहुत देर पहले से एक थ्योरी बताता आ रहा हूँ आप सबको, और वो थ्योरी है – चने का दाना, काला होता है। जब चना होता है, तो वो शनि होता है, लेकिन उसका छिलका उतार दो, अंदर से निकलता है - बृहस्पति। तो इसका मतलब क्या है? इसका मतलब यह है कि शनि को चाहे बृहस्पति कहो या बृहस्पति को चाहे शनि कहो बात एक ही है। क्योंकि बिगड़ा हुआ बृहस्पति शनि से ज्यादा खतरनाक है। तो यह जो कोरोना की देन जो हुई है दुनिया को ये शनि, बृहस्पति, राहु मिले हैं, तो ही तो आया है। लेकिन इस सब के बीच में जो एक बहुत ही खास चीज रही, वो आपको बताना चाहता हूँ, उसे मैं नाम देता हूँ शनि का षडयंत्र। मैं उसे यह नाम देता हूँ, मान लीजिए मेष लग्न की कुंडली है; तीसरे घर में मिथुन राशि में चंद्रमा बैठे हैं, पांचवें घर के अंदर सूर्य बैठे हैं, सातवें में तुला के अंदर शनि बैठे हैं, और नौवें में अगर बृहस्पति बैठे हैं, तो मेरा ख्याल है कि ज्यादातर लोगों की एक ही राय होगी कि कुंडली काफी अच्छी है। यही है ना, क्योंकि काफी अच्छे–अच्छे ग्रह बैठे हैं। लेकिन यह शनि इतना चालाक है यह दूसरे किसी भी ग्रह की पावर को बर्दाश्त नहीं करता। ये सिर्फ और सिर्फ एक ही ग्रह से झुकता है, और वो है बृहस्पति। अगर इस पर बृहस्पति दृष्टि डाल दे, ये जिसकी भी जन्म कुंडली के अंदर योग बनाएगा, उसकी जिंदगी को बहुत आसान कर देगा, बहुत आसान। लेकिन अगर इसके ऊपर कोई और ग्रह दृष्टि डाल दे तो इसे बर्दाश्त ही नहीं है। फिर यह अपने षडयंत्र पर आ जाता है। ये जो मैंने अभी योग बताया कि तीसरे घर के अंदर चंद्रमा, पांचवें घर के अंदर सूर्य, सातवें घर के अंदर शनि और नौवें घर में बृहस्पति। कहने को तो यह बहुत शानदार कुंडली है लेकिन ऐसे घर के अंदर से चुन–चुन कर सुख खत्म हो जाते हैं, चुन–चुन के। बाप बेकार, भाई–बहन बेकार, कमाई बेकार, अपनी जिंदगी अधर में ना उस पार जाया जाए ना इस पार आया जाए, दूसरों से उम्मीद करना ही बेवकूफी होती है।

 

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शनि के षडयंत्र का कारण क्या है? 

 

इसका कारण यह है कि शनि जब स्वयं ताकतवर बैठा हो; जन्म कुंडली के अंदर दूसरे ग्रह ताकत लेकर बैठे वो बर्दाश्त नहीं करता, कभी नहीं बर्दाश्त करता। इसलिए हमेशा जब शनि बहुत प्रबल हो और दूसरे ग्रह भी आपस में मिलकर के प्रबल हो जाएं, तो वहाँ कुंडली देखते हुए हमें सोचना चाहिए, कि अब ये आदमी शरारती है या नहीं है, चालाक है या नहीं है। शरारती और चालाक तो जिंदगी काट जाएगा। सिंपल, साफ काम करने वाला बना ना; नहीं काटने देगा ये। इसलिए काल कोई भी चले, चाहे कोरोना काल हो या नॉर्मल काल हो कुछ भी चले, अपनी जन्म कुंडली के अंदर शनि की परवाह करना बेइंतहा जरूरी है, बेइंतहा।

 

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एक लाल किताब के अंदर, एक बड़ा जबरदस्त एक लॉ है, कहते हैं किसी की जन्म कुंडली के अंदर कुछ भी हो, सूर्य, मंगल, बृहस्पति, चंद्र, कितने भी अच्छे हों अगर पापी ग्रहों की कृपा नहीं हुई ना और अगर वो खुश नहीं किए तो जिंदगी में कभी भी बड़े–बड़े बलंडर हो सकते हैं; कभी भी हो सकते हैं। तो इस बड़े–बड़े बलंडर को रोका कैसे जाए? क्योंकि रोज तो जिंदगी के अंदर कुछ न कुछ चला रहता है, हम इतनी मेहनत करते हैं, हमें उसका फल नहीं मिलता। इतनी कोशिश करने के बावजूद सामने वाला हमारी कोशिश को ही डिनाई करके चला जाता है। यह तभी सब कुछ होता है, जब पापी ग्रह हमें अच्छा फल नहीं देते। क्योंकि केतु के बिना तो कभी झंडा ही नहीं ऊंचा होना। किसी का नाम ही नहीं बड़ा हो सकता। जिनका नाम बड़ा होना होता है, जो लोगों के दिल पर राज करते हैं, दिमाग पर छा कर रहते हैं। उनका केतु अच्छा होता है।

 

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जो इंसान अपना कार्य पूरा करके दिखा देता है। उसका शुक्र अच्छा होता है, और इन सब को पाने के लिए शनि का अच्छा होना बेइंतहा जरूरी है। एक शनि खराब तो शुक्र चाहे कितना भी अच्छा बैठे, केतु चाहे कितना भी अच्छा बैठे, वो खराब फल ही देगा, अच्छा नहीं देता है। तो इसको अच्छा करने का लाल किताब के अंदर कितना सुंदर एक तरीका दिया हुआ है। आज 25–25, 30–30 साल से मेरे साथ जुड़े हुए परिवार वो काम नहीं भूलते और हर बार आकर के एक शब्द बोलते हैं, कि गुरुजी वो जो नियम है ना अभी तक हम चला रहे हैं। वह तोड़ा नहीं है, क्योंकि हमें लगता है कि उसके साथ ही सारे उपाय हो जाते हैं। और वो नियम क्या है? 

 

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हर रोज घर की पहली रोटी, जो तवे से उतरे, वो आधी गाय को, आधी से आधी कुत्ते को, आधी से आधी कौवों को, बहुत जरूरी है। क्योंकि गाय-शुक्र, कुत्ता-केतु, और कौआ-शनि। ये पापी ग्रहों को अगर आपने रखा खुश, अब ये खुश रखना समझ आया किसी को, इसके पीछे साइंटिफिक रीजन है, आप लोग वास्तु भी करते हो ना तो क्यों किसी डाइरेक्शन से कोई चीज हटवाते हो और क्यों किसी खास डाइरेक्शन के अंदर कोई चीज रखवाते हो? एनर्जी, एनर्जी बैलेंस करनी है, यही बोलते हैं आप, तो यह एनर्जी का सिस्टम लाल किताब ने कितना अच्छा समझाया है, लाल किताब में शुरुआत से बहुत सारे योगों को लेकर बोलके आता है कि कुत्ता घर पर पालो, गाय की सेवा करो। अब देखिए मेडिकल साइंस बोलती है, कि अगर किसी की कमर में दर्द है, किसी को अस्थमा की दिक्कत है, जो कुछ भी हो वो घर में कुत्ता पालो।

 

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अखबारों के अंदर मैंने ये निकाल कर देखा है, अखबारों में आया है ये, अब डॉक्टर भी बोलते हैं। जब कुत्ता घर पर रखा जाता है, तो अभी भी बहुत सारे नासमझ डॉक्टर जो यहाँ तक इस विज्ञान तक पहुंचे नहीं, वो कहते हैं नहीं–नहीं बच्चा घर में छोटा है, कुत्ता मत पालो। कोई एलर्जी हो सकती है, कोई इन्फेक्शन हो सकता है। जिस घर में कुत्ता होता है ना बेटा, उल्टा उस घर के बच्चे सेफ रहते हैं। क्योंकि इस सारी नेगेटिविटी को, इस बुरी चीज को कुत्ता झेलता है अपने ऊपर। गाय, कैसी भी बीमारियाँ हो आप हर रोज कम से कम दस मिनट तक गाय के शरीर पर हाथ तो फेर के देखो। शुक्र, जब तक शुक्र यानी की जीवन शक्ति। शुक्र और मंगल अलग नहीं है, व्हाइट सेल्स शुक्र हैं, रेड सेल्स मंगल हैं। और व्हाइट सेल्स ही हमारे शरीर को प्रोटेक्ट करते हैं, बीमारियों को नहीं आने देते, अगर आ जाएं तो उससे लड़ने की ताकत व्हाइट सेल्स में है। तो इस व्हाइट सेल्स को अगर बढ़ाना है तो करना क्या पड़ेगा? नॉचुरली बात है - गाय की सेवा करनी पड़ेगी। वो आपकी कुंडली के अंदर शुक्र के हिसाब से तय किया जाएगा, कि सफेद गाय की, काली गाय की या लाल गाय की। यू.पी. के मुख्यमंत्री को लाल गाय बड़ी रास आई है। मुख्यमंत्री बन गए वो। 

 

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तो इसलिए इन पापी ग्रहों को अच्छा रखना बेइंतहा जरूरी है। और जो इंसान पापी ग्रहों को काबू में रखेगा। कोई भी वक्त उसका खराब नहीं जाएगा। इस दुनिया के अंदर सात्विक रहना बहुत जरूरी है लेकिन आप कितना भी सात्विक हो, कितने भी अच्छे हो, आपके पास बुद्धि होनी बहुत जरूरी है। 

 

बुद्धि कौन देता है? बिजनेस की बुद्धि, रहन–सहन की बुद्धि, परिवार को चलाने की, किसी के साथ व्यवहार करने की, लेने–देने की, सारी बुद्धि शनि देता है। एक बार शनि खराब हो जाए ना तो इंसान को एक नंबर का घमंडी बनाता है, बहुत जल्दी इरिटेट होने वाला बनाता है, सामने वाले से फायदा कभी नहीं उठा सकता, सिर्फ अकड़ के अंदर ही अपना काम स्वयं खराब कर देता है। ये जितनी प्रॉब्लम्स हैं जिसके साथ होती हैं, समझ लो उसके पास बीमारी आने के चांसेस बहुत ज्यादा हैं। इसलिए हमेशा शनि को अच्छा करके चलो। 

 

लेकिन एक बात ध्यान रखना शनि को अच्छा करने का मतलब यह नहीं है कि आप शनिवार को सुबह ही शनिदेव के मंदिर में लाइन पर लगकर तेल चढ़ाने लग जाएं। ये भी गलत है, अगर जन्म कुंडली के अंदर अच्छा शनि बैठा हुआ है, तो जहाँ तेल आप चढ़ाने लगे, आपका दुर्भाग्य वहीं से शुरु हो जाएगा। आप लोहे का दान करो, उड़द का दान करो, वहीं से दुर्भाग्य शुरु हो जाएगा। इसलिए शनि की पोजिशन देखना, अच्छी तरह से उसको जज करना और तब शनि का उपाय करना। नहीं तो यह घर की रोटी का उपाय किसी का कुछ नहीं बिगाड़ेगा, हर किसी को सुख देगा। यह जरूर करना। 

 

लाल किताब क्या बोलती है?

 

शनि के षडयंत्र में मेजर चीज एक ही होती है, ये किसी की चलने नहीं देता। इसके घर पर इसके दुश्मन आकर बैठ जाएं, जैसे मंगल या बृहस्पति दसवें घर के अंदर बिठा दो। लाल किताब क्या बोलती है, कि अगर अफसरों से सेटिंग करके चलेगा तो कमा जाएगा। और तू अपनी मेहनत के कमा कर दिखा, और परमात्मा का नाम लेकर दिखा, तेरे को मैं बर्बाद कर दूँगा। कितना बड़ा षडयंत्र है ये शनि का। क्योंकि अपने घर में उसके कोई आ जाए और उसकी तासीर का पालन ना करे तो शनि सब कुछ छीन लेता है। हमें इन चीजों का बहुत–बहुत ख्याल रखना है। अगर हम किसी ग्रह की नेचर के अंदर नहीं घुसे ना और उसको नहीं माना, तो समझ लो हम लोग खराब हो गए हैं। और हम लोग सिर्फ कठपुतलियाँ हैं इस धरती पर सिर्फ हम कठपुतलियाँ हैं। हमारे ग्रह हमें जिस तरह से नचाते हैं, हम उसी तरह से नाचते हैं। और इसके लिए तो अब आपके पास हथियार भी हैं। 

 

अपने ग्रहों को अच्छा या बुरा जांचना हो तो एस्ट्रोसाइंस ऐप अभी डाउनलोड कर लो गूगल प्लेस्टोर से। उसकी महादशा वाले चैप्टर पर जाकर के सबमिट कर दो, बिल्कुल फ्री है सब कुछ। सामने लिखा आएगा कि आपकी कुंडली में कौन सा ग्रह अच्छा है कौन सा ग्रह बुरा है। और 43 हजार लॉ लाल किताब के लगा कर ये डिसाइड किया गया है कि आपका कौन–सा ग्रह शुभ है और कौन सा अशुभ है। अभी तक कोई ऐसे निकाल नहीं पाया, लेकिन ये निकाल के मैंने सब कुछ आप लोगों को अर्पित किया फ्री में। यह करिए आप।

 

अपनी समस्या या सवाल भेंजे- https://shorturl.at/deLT9

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