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श्री दसावतार स्तोत्र: कैसे आई विश्वप्रसिद्ध आरती ॐ जय जगदीश हरे अस्तित्व में - Part 1
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आरती भारतीय पूजा अनुष्ठान का ऐसा अंग है जिस के बिना कोई भी पूजा नहीं पूरी होती। "ॐ जय जगदीश हरे" भगवान नारायण की ऐसी स्तुति है जो हर एक हिन्दू को याद होगी। आपने भी भगवान हरि की ये सुप्रसिद्ध आरती जरूर सुनी होगी। मगर क्या आपको पता है के ये आरती की प्रेरणा कहा से आई ? इस आरती का मूल क्या है? "ॐ जय जगदीश हरे" भगवान हरी की हिंदी में लिखी ऐसी आरती है जिसको हर पूजा या अनुष्ठान के बाद गाने का प्रावधान है। इस काव्य की रचना पंडित श्रद्धाराम फुल्लौरी जी ने तकरीबन 150 वर्ष पहले की थी। आज भी इस आरती का प्रचलन भारत के हर घर में है।

इस आरती का मुख्य छंद "ॐ जय जगदीश हरे" श्री जयदेव गोस्वामी द्वारा रचित दशावतार स्तोत्र से लिया गया है। दशावतार स्तोत्र भगवान् नारायण के दस प्रमुख अवतारों की स्तुति है जिसको दस पंक्तियों में विभाजित कर रचा गया है। श्री जयदेव गोस्वामी भारत के प्रख्यात कवि और वैष्णव पंथ के एक प्रमुख संत थे। श्री जयदेव गोस्वामी पाद भगवान् जगन्नाथ के अनन्य भक्त भी थे।

भारत की सुप्रसिद्ध काव्य गीत गोविन्द की रचना भी जयदेव गोस्वामी ने ही की थी। श्री जयदेव गोस्वामी जी की रचना "एही मुरारि", "धीर समीरे यमुना तीरे" जैसी रचनाओं में से एक रचना श्री दशावतार स्तोत्र भी है जो आज की सुप्रसिद्ध आरती की प्रेरणा बनी। गीत गोविन्द श्री जयदेव गोस्वामी की ऐसी रचना है जिसको आज भी भगवान जगन्नाथ के समक्ष गाया जाता है। इस महाकाव्य में श्री जयदेव गोस्वामी श्री राधाकृष्ण की अंतरंग लीला रस का वर्णन करते हैं जो की माधुर्य रस से सराबोर है।

श्री दशावतार स्तोत्र में जयदेव गोस्वामी श्री कृष्ण के परब्रह्म स्वरूप का ध्यान करते है जो अपने भक्तों की रक्षा हेतु बार बार पृथ्वी पर प्रकट होते है। श्री कृष्ण का ये स्वरूप प्रेम और करुणा के साथ साथ संघार का भी प्रतिरूप है। गीत गोविन्द के इस भाग में भगवान् के रक्षक स्वरूप का विवरण मिलता है जो अपने भक्तों की रक्षा के लिए बार बार अवतरित होते है। महाकाव्य के इस भाग में श्री जयदेव गोस्वामी पाद ने भगवान् के अवतार मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, श्री राम, बलराम, बुद्ध, और कल्कि अवतार की लीलाओं का संक्षिप्त में वर्णन किया है। Astroscience की इस शृंखला में हम इसी दस अवतार स्तोत्र, उनसे जुड़ी कथा और दर्शन का भी वर्णन करेंगे।




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Gurudev GD Vashist

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Gurudev GD Vashist is also the author of Lal Kitab Amrit Vashist Jyotish. He is prominent in the India electronic media, like, leading TV channels like India News, Divya TV, Sadhna TV, Disha TV.
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