Home / कल है एकादशी श्राद्ध, जानें समय, महत्व और पूजा विधि
कल है एकादशी श्राद्ध, जानें समय, महत्व और पूजा विधि
Divider


Divider

हिन्दू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। पितृ पक्ष में पड़ने के कारण इस एकादशी का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पिंडदान व तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस साल एकादशी श्राद्ध या इंदिरा एकादशी 21 सितम्बर 2022 बुधवार को है।

एकादशी तिथि प्रारम्भ - 20 सितम्बर 2022 को 9:26 PM पर   
एकादशी तिथि समाप्त - 21 सितम्बर 2022 को 11:34 PM पर

एकादशी श्राद्ध शुभ मुहूर्त:-
एकादशी श्राद्ध बुधवार, 21 सितम्बर 2022 को
कुपूत मुहूर्त- 11:50 PM से 12:38 PM
रौहिण मुहूर्त- 12:38 PM से 01:27 PM
अपराह्न काल- 01:27 PM से 3:53 PM

श्राद्ध विधि:- किसी सुयोग्य ब्राह्मण के द्वारा की श्राद्ध कर्म करवाना चाहिए। श्राद्ध  कर्म में पूरी श्रद्धा के साथ ब्राह्मणो को दान देने के साथ साथ यदि किसी गरीब या जरूरतमंद की सहायता कर सके तो और भी पुण्य मिलता है। इसके साथ-साथ गाय, कुत्ते, कौवे आदि पशु-पक्षियों के लिए भी भजन का एक अंश जरूर डालना चाहिए।  

संभव हो तो श्राद्ध गंगा नदी के किनारे करवाना चाहिए। योग्य ब्राह्मण की सहायता से मंत्रोउच्चारण करें और पूजा के पश्चात जल से तरपान करें, इसके बाद जो भोग लगाया जा रहा है उसमे से गाय, कुत्ते, कौवे आदि का हिस्सा अलग कर देना चाहिए। इन्हे भोजन डालते समय अपने पितरों का स्मरण करना चाहिए, मन ही मन उनसे भोजन ग्रहण करने का निवेदन करना चाहिए।

पूजा सामग्री:-
रोली, सिंदूर, छोटी सुपारी , रक्षा सूत्र, चावल,  जनेऊ, कपूर, हल्दी, देसी घी, माचिस, शहद,  काला तिल, तुलसी पत्ता , पान का पत्ता, जौ,  हवन सामग्री, गुड़ , मिट्टी का दीया , रुई बत्ती, अगरबत्ती, दही, जौ का आटा, गंगाजल,  खजूर, केला, सफेद फूल, उड़द, गाय का दूध, घी, खीर, स्वांक के चावल, मूंग, गन्ना।

Published on: 20-09-2022




Follow Us

Gurudev GD Vashist

Divider

Gurudev GD Vashist is also the author of Lal Kitab Amrit Vashist Jyotish. He is prominent in the India electronic media, like, leading TV channels like India News, Divya TV, Sadhna TV, Disha TV.
Read More

WhatsApp
Phone